दिल्ली के भारत नगर इलाके में शुक्रवार रात एक शादी समारोह के दौरान हिंसा ने पूरे समारोह को मातम में बदल दिया। बरात को रास्ता देने के दौरान लड़की के चाचा मोहन लाल (42) की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई, जबकि उनके बड़े भाई वीरेंद्र (47) गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना वजीरपुर जे.जे. कॉलोनी के डीएवी तिराहे पर हुई। वीरेंद्र का इलाज अस्पताल में हुआ और उन्हें छुट्टी दे दी गई।

झगड़े की शुरुआत और हमलावर
जानकारी के मुताबिक, मोहन लाल अपनी बेटी की शादी में शामिल होने वाले बरातियों के लिए रास्ता बनाने की कोशिश कर रहे थे। उसी समय ई-रिक्शा चालक आपस में झगड़ रहे थे। मोहन लाल ने रिक्शा हटाने के लिए उनसे कहा, जिससे वे नाराज हो गए और उस पर हमला कर दिया। हमले में कई अन्य लोग भी शामिल हुए, जिनमें कुछ नाबालिग भी थे। मोहन लाल पर पत्थर और बैट से हमला किया गया। उनका भाई वीरेंद्र उन्हें बचाने के लिए पहुंचा, लेकिन उस पर भी हमला किया गया।

परिवार ने अस्पताल पहुँचाया
घायल दोनों को तुरंत दीप चंद बंधु अस्पताल ले जाया गया। मोहन लाल ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जबकि वीरेंद्र को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई।

पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारियां
उत्तर पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त आकांक्षा यादव ने बताया कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी। फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए और आस-पास के लोगों व सीसीटीवी फुटेज की मदद से चार आरोपियों—साहिल, राघव, अभिषेक और अर्जुन—को गिरफ्तार किया गया। एक आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।

सीसीटीवी में दर्जन भर हमलावर दिखाई दिए
घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज में देखा गया कि बरात नाचते-गाते हुए आ रही थी। मोहन लाल ई-रिक्शा चालकों को हटाने के लिए कह रहे थे, तभी झगड़ा शुरू हुआ और करीब दर्जन भर लोगों ने उन पर और उनके भाई पर हमला कर दिया।

परिवार में कोहराम
मोहन लाल की मौत की खबर मिलने के बाद परिवार में शोक की लहर फैल गई। वीरेंद्र ने बताया कि छोटी सी बात को लेकर आरोपियों ने इतनी क्रूरता दिखाई कि शादी की खुशियां पलभर में मातम में बदल गईं। मोहन लाल पेशे से इलेक्ट्रिशियन थे और उनके पीछे तीन बेटियां हैं।