दिल्ली। पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी इलाके में सड़क पर खुले गहरे गड्ढे में गिरकर मोटरसाइकिल सवार की मौत के मामले में जांच ने नया मोड़ ले लिया है। दिल्ली पुलिस ने इस प्रकरण में सब-कॉन्ट्रैक्टर राजेश प्रजापति के कर्मचारी योगेश को उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद से दबोच लिया है। हादसे के बाद वह दिल्ली छोड़कर फरार हो गया था और वहां छिपा हुआ था।
इससे पहले पुलिस ने सब-कॉन्ट्रैक्टर राजेश प्रजापति से गहन पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार किया था। अब उसके कर्मचारी की गिरफ्तारी से पुलिस को जांच में अहम कड़ियां मिलने की उम्मीद है।
पश्चिमी दिल्ली के डीसीपी डी. शरद भास्कर के अनुसार, आरोपी राजेश प्रजापति को अदालत में पेश किए जाने के बाद एक दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है। पुलिस इस दौरान उससे हादसे से जुड़े तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं पर विस्तार से पूछताछ कर रही है।
दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारी भी घेरे में
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस की जांच अब केवल ठेकेदारों तक सीमित नहीं रही है। दिल्ली जल बोर्ड के कई अधिकारियों से भी पिछले दो दिनों में पूछताछ की गई है। इनमें कुछ से उनके कार्यालयों में और कुछ से थाने में बयान दर्ज किए गए हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सड़क पर इतना खतरनाक गड्ढा छोड़ने की जिम्मेदारी किसकी थी और सुरक्षा नियमों की अनदेखी कहां हुई।
घटनास्थल पर मौजूद था योगेश
जांच में सामने आया है कि आरोपी योगेश हादसे के समय मौके पर मौजूद था। उसने दुर्घटना होते देखी और इसकी जानकारी सब-कॉन्ट्रैक्टर राजेश प्रजापति को दी। हालांकि, जब मृतक कमल का भाई करण और उसका दोस्त रात करीब डेढ़ बजे घटनास्थल पर पहुंचे, तो योगेश ने उन्हें गुमराह करते हुए कहा कि उसे किसी हादसे की जानकारी नहीं है।
परिवार को भटकाने के बाद वह अपना सामान मौके पर छोड़कर वहां से फरार हो गया और फिरोजाबाद जा छिपा, जहां पुलिस ने उसे पकड़ लिया। अब यह जांच की जा रही है कि वह खुद भागा था या किसी के कहने पर।
लापरवाही तय कर होगी कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह हादसा निर्माण कार्यों में बरती गई गंभीर लापरवाही का नतीजा है। सभी आरोपियों और संबंधित विभागों से मिली जानकारी का मिलान किया जा रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जिनकी गलती से यह जान गई, उन्हें कानून के तहत सजा मिल सके।