पश्चिम बंगाल की राजनीति में शनिवार को बड़ा बदलाव देखने को मिला जब भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के राज्य समिति सदस्य प्रतिकुर रहमान ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) जॉइन किया। इससे पहले उन्होंने टीएमसी के सांसद और राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी से मुलाकात की। टीएमसी में शामिल होने के बाद रहमान ने कहा, “यह तो केवल ट्रेलर है, पिक्चर अभी बाकी है।”
भाजपा सांसद ने मुख्यमंत्री के साथ मंच साझा किया
इसी दिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाषा दिवस के अवसर पर भाजपा के राज्यसभा सांसद अनंत महाराज को बंगविभूषण पुरस्कार से सम्मानित किया। इस अवसर पर सांसद ने मुख्यमंत्री के साथ मंच साझा किया।
विशेषज्ञों का विश्लेषण#WATCH | Kolkata: West Bengal CM Mamata Banerjee confers Bangabibhushan award on BJP's Rajya Sabha MP Anant Maharaj. The MP shared the stage with the CM here, on the occasion of Bhasha Diwas.
— ANI (@ANI) February 21, 2026
(Source: Information & Cultural Affairs Department of West Bengal) pic.twitter.com/PUE1eQDAKu
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि रहमान का टीएमसी में शामिल होना राज्य की राजनीतिक परिस्थितियों में एक महत्वपूर्ण बदलाव है। वे पहले माकपा के युवा नेता थे और अब टीएमसी का हिस्सा बन गए हैं। इस कदम से पार्टी को मुसलमान मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने में मदद मिल सकती है। हालांकि विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि रहमान को टीएमसी की कार्यशैली के अनुसार खुद को ढालना होगा, नहीं तो यह कदम उनके लिए उतना लाभकारी नहीं होगा।
2024 में अभिषेक बनर्जी के खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं रहमान
रहमान ने 2024 के आम चुनाव में डायमंड हार्बर लोकसभा सीट से टीएमसी के अभिषेक बनर्जी के खिलाफ चुनाव लड़ा था। दक्षिण 24 परगना के अम्ताला में, टीएमसी के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी की मौजूदगी में रहमान ने पार्टी में शामिल होकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी।
माकपा से इस्तीफा और वजह
16 फरवरी को रहमान ने माकपा की राज्य समिति और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व के कुछ निर्णय और भाई-भतीजावादी रवैये के कारण उन्हें संगठन में सीमित किया गया। रहमान ने यह भी स्पष्ट किया कि वे पार्टी की विचारधारा और रणनीतियों पर सवाल उठाने के लिए किनारे कर दिए गए थे।