अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ संभावित समझौते को लेकर सामने आ रहे दावों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि ईरान की ओर से मीडिया में प्रसारित की जा रही बातें वास्तविक वार्ताओं और लिखित मसौदे से मेल नहीं खातीं। ट्रंप ने आरोप लगाया कि तेहरान जानबूझकर ऐसी जानकारी फैला रहा है, जिससे समझौते की वास्तविक स्थिति को लेकर भ्रम पैदा हो रहा है।
ट्रंप ने कहा कि ईरान द्वारा सार्वजनिक की गई शर्तों का उस दस्तावेज से कोई संबंध नहीं है, जिस पर दोनों पक्षों के बीच चर्चा हुई थी। उनके अनुसार, ईरान के हालिया बयान तथ्यों से परे हैं और इससे दोनों देशों के बीच भरोसे की कमी और स्पष्ट हो जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के साथ किसी भी समझौते को अंतिम रूप देना आसान नहीं है।
भारतीय जहाजों पर कथित ड्रोन हमले को लेकर भी जताई नाराजगी
अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक अन्य मुद्दे पर भी ईरान की आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे भारतीय जहाजों को निशाना बनाने की कोशिश की गई थी। ट्रंप के अनुसार, ड्रोन के जरिए किए गए इस कथित हमले को विफल कर दिया गया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता और ऐसी गतिविधियां स्वीकार्य नहीं हैं।
अमेरिका-ईरान समझौते की अटकलें तेज
इससे पहले ट्रंप संकेत दे चुके हैं कि दोनों देशों के बीच तनाव कम करने और टकराव की स्थिति को समाप्त करने के लिए बातचीत आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा था कि वार्ता सकारात्मक दिशा में है और निकट भविष्य में किसी समझौते पर हस्ताक्षर होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
हालांकि, ईरान की ओर से अब तक किसी संभावित समझौते की औपचारिक पुष्टि नहीं की गई है। मीडिया रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि दोनों पक्ष एक अंतरिम व्यवस्था पर चर्चा कर रहे हैं, जिसमें क्षेत्रीय सुरक्षा, समुद्री मार्गों की आवाजाही और परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मुद्दे शामिल हो सकते हैं। हालांकि इन रिपोर्टों की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।