बाबू जगजीवन राम अस्पताल में अजय विमल के परिजनों के साथ मेट्रो अधिकारी भी शोक में डूबे हुए हैं। अजय विमल, जो दिल्ली मेट्रो में असिस्टेंट सेक्शन इंजीनियर (सिग्नल और टेलीकम्युनिकेशन) थे, अपने मिलनसार स्वभाव और जिम्मेदारियों के लिए जाने जाते थे। उनका परिवार 2016 से डीएमआरसी सोसायटी में रह रहा था, और सोसायटी के किसी भी सामूहिक कार्यक्रम की जिम्मेदारी अजय ही संभालते थे।

अजय की तैनाती बाराखंभा मेट्रो स्टेशन पर थी। उनकी बेटी क्वीन मैरी स्कूल में चौथी कक्षा में पढ़ती थी। अजय की साल 2006 में दिल्ली मेट्रो में नियुक्ति हुई थी। उनका परिवार मूलतः इटावा, उत्तर प्रदेश का रहने वाला है, जबकि उनके पिता दीनानाथ मध्य प्रदेश में निरीक्षक पद से सेवानिवृत हुए थे।

अजय की तीन बहनें हैं। बड़ी बहन ऊषा और जीजा परिवार के साथ नोएडा में रहते हैं, जबकि उनके बड़े भाई मनीज यूपी पुलिस में इंस्पेक्टर हैं और हाथरस में तैनात हैं। हादसे की जानकारी मिलते ही परिवार अस्पताल पहुंचा, जहां शिनाख्त के दौरान परिजन फफक-फफक कर रो पड़े।

डीएमआरसी का बयान और सहायता का भरोसा
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने कहा कि अजय विमल एक समर्पित और जिम्मेदार कर्मचारी थे। डीएमआरसी ने पुलिस जांच में हर संभव सहयोग देने और इस कठिन समय में शोक संतप्त परिवार के साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया। संगठन ने दिवंगत कर्मचारी और उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।

हादसे का घटनाक्रम
चश्मदीद ट्रक चालक सुखवीर सिंह ने बताया कि सोमवार रात डीएमआरसी सोसायटी के पीछे निर्माण स्थल पर ट्रक में रोड़ी लेकर सो रहे थे। करीब 2.15 बजे तेज धमाके की आवाज सुनाई दी। उठकर देखा तो सोसाइटी की एक फ्लोर से आग की लपटें निकल रही थीं। सुखवीर ने तुरंत सोसायटी गार्ड को घटना की जानकारी दी।

सर्दियों में अंगीठी, हीटर और ब्लोअर के प्रयोग में सावधानी जरूरी
राजधानी दिल्ली में हर साल ठंड के मौसम के साथ अंगीठी, हीटर और ब्लोअर से संबंधित हादसे भी सामने आते हैं। अधिकतर दुर्घटनाओं की वजह तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि जानकारी और जागरूकता की कमी होती है। रिटायर्ड सरकारी अधिकारी डॉ. नकुल कुमार तरुण राजधानी में जागरूकता अभियान चला रहे हैं।

जरूरी सावधानियां:

  • बंद कमरे में अंगीठी या कोयले का उपयोग न करें

  • कमरे में कम से कम एक खिड़की या रोशनदान खुला रखें

  • अंगीठी छोटे बंद कमरे या बाथरूम में न जलाएं

  • सोते समय हीटर/ब्लोअर चालू न रखें

  • हीटर के पास कपड़े, पर्दे, गद्दे आदि न रखें; कम से कम 3 फीट की दूरी बनाए रखें

  • समय-समय पर ऑक्सीजन लेबल और वेंटिलेशन जांचें