रांची से लगभग 30 किलोमीटर दूर खूंटी जिले में आदिवासी नेता और पड़हा राजा सोमा मुंडा की हत्या से इलाके में भारी तनाव पैदा हो गया है। इस घटना के विरोध में विभिन्न आदिवासी संगठनों ने गुरुवार को खूंटी बंद का आह्वान किया है। आयोजकों ने कहा कि यह बंद पूरी तरह शांतिपूर्ण और स्वैच्छिक होगा।

आदिवासी समाज में रोष
आदिवासी समाज ने इस हत्या को अपनी परंपरा, स्वशासन व्यवस्था और समाज की अस्मिता पर हमला बताया है। समाज के लोगों का कहना है कि यह केवल एक व्यक्ति की हत्या नहीं, बल्कि पूरे आदिवासी समुदाय के लिए चुनौती है। घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद दोषियों की गिरफ्तारी न होने से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

शांतिपूर्ण विरोध की चेतावनी
बंद के आयोजकों ने कहा कि प्रशासन की निष्क्रियता के खिलाफ विरोध लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा। बंद के दौरान किसी भी तरह की हिंसा, तोड़फोड़ या जबरदस्ती नहीं होगी।

प्रमुख मांगें
आदिवासी संगठनों ने स्पष्ट किया कि उनकी मुख्य मांगें हत्यारों की तुरंत गिरफ्तारी, मामले की उच्चस्तरीय या एसआईटी जांच, पीड़ित परिवार को सुरक्षा और उचित मुआवजा सुनिश्चित करना हैं। समाज ने कहा कि अब केवल श्रद्धांजलि पर्याप्त नहीं है, न्याय सुनिश्चित होना चाहिए।

हत्या की घटना
सोमा मुंडा बुधवार की देर शाम खूंटी से अपने गांव चलागी लौट रहे थे। इसी दौरान एक बाइक सवार ने उन्हें ओवरटेक करते हुए दो राउंड फायरिंग की। एक गोली उनके सीने में लगी, जबकि दूसरी चूक गई। घटना के समय उनकी पत्नी पीछे बाइक पर बैठी थीं।

गोली लगने के बाद सोमा मुंडा खूंटी की ओर बाइक चलाने की कोशिश की, लेकिन थोड़ी दूरी तय करने के बाद गिर पड़े। उनकी पत्नी ने पास के ट्रैक्टर की मदद से उन्हें केएस गंगा अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हत्या के बाद इलाके में तनाव और डर का माहौल है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।