अमेरिकी तटरक्षक बल द्वारा एक तेल टैंकर को रोके जाने पर रूस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। मास्को ने इस कार्रवाई पर गहरी चिंता जताते हुए अमेरिका से अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों और नौवहन नियमों का सम्मान करने की मांग की है। रूस का कहना है कि टैंकर की स्थिति और उसके मार्ग की जानकारी वॉशिंगटन को पहले ही कई बार औपचारिक रूप से दी जा चुकी थी।

रूसी विदेश मंत्रालय की आपत्ति

रूस के विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि ‘मारिनेरा’ (पूर्व नाम बेला-1) तेल टैंकर, जिसे उत्तरी अटलांटिक में अमेरिकी कोस्टगार्ड ने हिरासत में लिया, अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत पूरी तरह वैध रूप से संचालित हो रहा था। मंत्रालय ने यह भी जोर दिया कि जहाज पर मौजूद चालक दल के साथ मानवीय और सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए। चालक दल में एक भारतीय नागरिक के शामिल होने की भी पुष्टि की गई है।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका को हाई सीज पर अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुरूप आचरण करना चाहिए और ऐसे जहाजों के खिलाफ कार्रवाई तुरंत बंद करनी चाहिए, जो कानून के दायरे में काम कर रहे हैं। रूस ने अमेरिका द्वारा अपने घरेलू प्रतिबंध कानूनों का हवाला देकर टैंकर जब्त करने को आधारहीन करार दिया।

अमेरिकी बयानों पर कड़ी आलोचना

रूसी मंत्रालय ने उन अमेरिकी अधिकारियों के बयानों पर भी नाराजगी जताई, जिनमें इस टैंकर की जब्ती को वेनेजुएला के प्राकृतिक संसाधनों पर नियंत्रण की रणनीति से जोड़ा गया था। रूस ने ऐसे दावों को निंदनीय बताते हुए कहा कि एकतरफा प्रतिबंधों के आधार पर अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में किसी जहाज पर अधिकार जताना कानूनन गलत है।

चालक दल में कई देशों के नागरिक

रूसी पक्ष के अनुसार, टैंकर के चालक दल में विभिन्न देशों के नागरिक शामिल हैं। रूस टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, क्रू में 17 यूक्रेनी, छह जॉर्जियाई, तीन भारतीय और दो रूसी नागरिक शामिल हैं। रूस ने अमेरिका से मांग की है कि रूसी नागरिकों के अधिकारों की रक्षा की जाए और उनकी सुरक्षित व शीघ्र वापसी में कोई बाधा न डाली जाए।

पहले से दी गई थी पूरी जानकारी

रूस ने स्पष्ट किया कि 24 दिसंबर को मारिनेरा टैंकर को रूसी ध्वज के तहत अस्थायी अनुमति दी गई थी और वह अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र से होते हुए रूस के एक बंदरगाह की ओर जा रहा था। इस पूरे मार्ग और स्थिति से जुड़ी जानकारी अमेरिका को राजनयिक माध्यमों से बार-बार दी गई थी।

रूस का यह भी कहना है कि उसने अमेरिकी तटरक्षक बल की ओर से टैंकर का पीछा किए जाने पर पहले ही आधिकारिक आपत्ति दर्ज कराई थी और इस तरह की किसी कार्रवाई के लिए उसने कभी सहमति नहीं दी।