नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली और आसपास के एनसीआर इलाकों में मंगलवार सुबह घना कोहरा छाया रहा, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। कोहरे के कारण सड़कों पर दृश्यता बेहद कम हो गई और राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहन रफ्तार पकड़ने में असमर्थ दिखे। इसका असर रेल और हवाई सेवाओं पर भी साफ नजर आया, जहां कई ट्रेनें घंटों की देरी से चलीं और उड़ानों के संचालन में बाधा आई।
ठंड का प्रकोप भी लगातार बढ़ता जा रहा है। दिल्ली-एनसीआर में न्यूनतम तापमान दो से तीन डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, जिससे लोग कड़ाके की सर्दी से जूझ रहे हैं। भारतीय मौसम विभाग पहले ही 12 जनवरी को दो दिनों के लिए शीतलहर को लेकर चेतावनी जारी कर चुका है।
कई इलाकों में तापमान 3 डिग्री से नीचे
सोमवार को दिल्ली के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। वहीं एनसीआर के रेवाड़ी में तापमान शून्य से नीचे गिरकर माइनस 0.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दो दिन भी ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है।
पालम क्षेत्र में न्यूनतम तापमान 13 वर्षों में सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया, जहां यह सामान्य से 4.3 डिग्री कम होकर 3.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे पहले 7 जनवरी 2013 को यहां 2.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया था।
ठंड के साथ प्रदूषण ने बढ़ाई मुश्किलें
दिल्ली-एनसीआर में सर्दी के साथ-साथ वायु प्रदूषण भी गंभीर स्तर पर पहुंच गया है। मंगलवार सुबह सात बजे दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400 के पार दर्ज किया गया, जो बेहद गंभीर श्रेणी में आता है। एक दिन पहले यह स्तर करीब 300 के आसपास था।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, आनंद विहार में AQI 405, जबकि आईजीआई एयरपोर्ट क्षेत्र में 291 रिकॉर्ड किया गया। गाजियाबाद में AQI 316, नोएडा में 337 और गुरुग्राम में 405 दर्ज हुआ, जिससे लोगों को सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन और गले में खराश जैसी समस्याएं हो रही हैं।
कोहरे से थमी रफ्तार
घने कोहरे के कारण वाहन चालकों को खासा सतर्क रहना पड़ा। कई इलाकों में दृश्यता बेहद कम रही, जिसके चलते लोग लाइट और इंडिकेटर जलाकर वाहन चलाने को मजबूर हुए। कोहरे का सीधा असर ट्रेनों और उड़ानों पर पड़ा, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने बताया है कि पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में अगले दो से तीन दिनों तक शीतलहर और कहीं-कहीं गंभीर शीतलहर की स्थिति बनी रह सकती है। कई क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया जा रहा है।
विशेषज्ञों ने लोगों को अनावश्यक बाहर निकलने से बचने, गर्म कपड़े पहनने और प्रदूषण से बचाव के लिए मास्क के उपयोग की सलाह दी है।