नई दिल्ली। राष्ट्रीय युवा दिवस की पूर्व संध्या पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने युवाओं को राजधानी के विकास की असली ताकत बताया। रविवार को आयोजित संवाद कार्यक्रम लंच विद रेखा गुप्ता में उन्होंने कहा कि दिल्ली का विकास तभी संभव है जब संवाद, सहयोग और संकल्प के साथ युवा न सिर्फ समस्याएं गिनाएँ बल्कि समाधान का हिस्सा भी बनें।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने युवाओं के सुझाव और सवाल सुने और अपने 11 महीनों के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए विकसित दिल्ली के रोडमैप पर चर्चा की। रेखा गुप्ता ने कहा कि स्वामी विवेकानंद की जयंती युवाओं की ऊर्जा और राष्ट्र निर्माण की भावना का प्रतीक है। इसी सोच के साथ सरकार युवाओं से लगातार संवाद कर रही है ताकि नीतियां वास्तविक जरूरतों से जुड़ी हों।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली के विकास में युवाओं की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है। इस उद्देश्य से बीते 11 वर्षों की नीतियों, वर्तमान सरकार के 11 महीनों के कार्य और आने वाले 11 वर्षों के विजन पर चर्चा की गई। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे सरकार के कार्यों पर सवाल पूछें, कमियों की ओर ध्यान दें और अपनी अपेक्षाओं के बारे में बताएं।
कूड़े के पहाड़ों को 2026 तक खत्म करने का लक्ष्य
युवा प्रतिनिधि प्रफुल्ल गर्ग ने गाजीपुर, भलस्वा और ओखला के कूड़े के पहाड़ों का मुद्दा उठाया। मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में प्रतिदिन 10-11 हजार मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। पिछली सरकारों के दौरान बायो-माइनिंग की क्षमता सीमित थी, लेकिन मौजूदा सरकार ने ड्रोन सर्वे और मशीनरी के विस्तार के साथ इसे तीन गुना बढ़ाकर 30-35 हजार मीट्रिक टन प्रतिदिन कर दिया है। उन्होंने भरोसा दिया कि 2026 के अंत तक दो बड़े कूड़े के पहाड़ पूरी तरह समाप्त हो जाएंगे।
युवाओं की सक्रिय भागीदारी
संवाद कार्यक्रम में करीब 30 युवा शामिल हुए, जिनमें सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर और सामाजिक कार्यकर्ता भी थे। युवाओं ने जेन-जेड की भागीदारी बढ़ाने के लिए और ऐसे संवाद आयोजित करने की मांग की। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के विजन के अनुरूप काम कर रही है।
पशु कल्याण से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार किसी भी तरह की क्रूर नीति का समर्थन नहीं करती। सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के तहत स्ट्रीट डॉग्स के लिए स्टेरलाइजेशन, वैक्सीनेशन और पशु चिकित्सालयों के पुनर्निर्माण पर काम जारी है।
दिन-रात की थकान का जिक्र
मुख्यमंत्री ने अपनी दिनचर्या साझा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद दिन-रात का फर्क समाप्त हो जाता है। सुबह 5:30 बजे से देर रात तक वे प्रशासनिक, नीतिगत और जनसंपर्क के कामों में व्यस्त रहती हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि दिल्ली की समस्याओं का समाधान केवल जन-भागीदारी से संभव है। सरकार और जनता जब एक साथ काम करेंगे तभी स्वच्छ, सुरक्षित और विकसित दिल्ली का सपना साकार होगा।