नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया द्वारा रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) के खाते को धोखाधड़ी घोषित करने की प्रक्रिया से जुड़े मामले में महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। कोर्ट ने उद्योगपति अनिल अंबानी के बेटे और RHFL के निदेशक जय अनमोल अंबानी को जारी शो कॉज नोटिस पर तत्काल रोक लगाने से इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति जसमीत सिंह ने याचिकाकर्ता को निर्देश दिया कि वह 10 दिनों के भीतर बैंक के समक्ष अपना पक्ष पेश करें।

अदालत ने यह स्पष्ट किया कि बैंक द्वारा लिए जाने वाले किसी भी फैसले पर हाईकोर्ट के आदेश का असर रहेगा। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने कहा कि वह शो कॉज नोटिस पर रोक नहीं लगाएगा, लेकिन याचिकाकर्ता को अपने जवाब में दलीलें प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। रिट याचिका को लंबित रखा गया है और आगे के आदेश पर नजर रखी जाएगी।

सुनवाई के दौरान सहमति बनी कि जय अनमोल अंबानी 10 दिनों के भीतर नोटिस का जवाब दाखिल करेंगे और 30 जनवरी को व्यक्तिगत सुनवाई के लिए उपस्थित होंगे। इसके बाद बैंक याचिकाकर्ता या उसके प्रतिनिधि को सुनकर कारण सहित आदेश पारित करेगा, जिसे अगली सुनवाई में अदालत के सामने पेश किया जाएगा।

जय अनमोल अंबानी की ओर से वरिष्ठ वकील ने तर्क दिया कि 22 दिसंबर 2025 को जारी नोटिस त्रुटिपूर्ण है। उन्होंने कहा कि RHFL की समाधान योजना पहले ही सभी ऋणदाताओं और सुप्रीम कोर्ट से मंजूर हो चुकी है, इसलिए कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप उचित नहीं हैं। इसके अलावा, नोटिस पांच साल पुरानी जानकारी पर आधारित होने के कारण कानूनी रूप से अनुचित है।

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की ओर से अदालत को बताया गया कि शो कॉज नोटिस जारी करने के मामले में अदालत का अधिकार सीमित है। इस पर न्यायाधीश ने पूछा कि दिवालियापन कानून के तहत मंजूर समाधान योजना के बाद नोटिस किस आधार पर जारी किया गया और याचिकाकर्ता की आपत्तियों पर विचार करना आवश्यक है।

यह शो कॉज नोटिस उस पृष्ठभूमि में जारी किया गया है, जब इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने बैंक द्वारा बिना नोटिस दिए खाता धोखाधड़ी घोषित करने की कार्रवाई को रद्द कर दिया था। 19 दिसंबर को अदालत ने राहत देते हुए कहा था कि नोटिस उस पते पर भेजा गया था जिसे कंपनी 2020 में छोड़ चुकी थी।