दिल्ली। जनकपुरी थाना क्षेत्र में जल बोर्ड के खुले गड्ढे में गिरकर कमल ध्यानी की मौत के मामले में जांच के दौरान बेहद हैरान करने वाले तथ्य सामने आए हैं। पुलिस जांच से पता चला है कि हादसे के समय कई लोग मौके पर मौजूद थे, लेकिन किसी ने भी घायल युवक की मदद नहीं की और न ही पुलिस या एम्बुलेंस को सूचना दी।

पुलिस के अनुसार, बृहस्पतिवार रात कमल बाइक सहित गड्ढे में गिर गए थे। इसके बाद वहां से गुजरते कुछ लोग और एक परिवार इस घटना के गवाह बने, लेकिन सभी उसे गंभीर हालत में छोड़कर वहां से चले गए। सर्द रात में घंटों तक मदद न मिलने से अंततः कमल की मौत हो गई।

सब-कॉन्ट्रैक्टर गिरफ्तार

शनिवार को इस मामले में पहली गिरफ्तारी की गई। दिल्ली जल बोर्ड से जुड़े एक सब-कॉन्ट्रैक्टर राजेश प्रजापति को पुलिस ने हिरासत में लिया है। आरोप है कि उसने खुद कमल को गड्ढे में गिरा हुआ देखा था, लेकिन न तो उसे बाहर निकालने की कोशिश की और न ही पुलिस को इसकी जानकारी दी।

सीसीटीवी फुटेज से खुली पूरी कहानी

पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त डी. शरद भास्कर ने बताया कि घटना स्थल के पास एक कैफे में लगे सीसीटीवी कैमरे से पूरे घटनाक्रम की पुष्टि हुई। फुटेज में दिखा कि एक कार सवार परिवार वहां रुका था। कार चला रहे विपिन सिंह ने बाइक को गड्ढे में गिरते देखा और उतरकर स्थिति भी देखी।

विपिन ने पास के अपार्टमेंट के एक सुरक्षाकर्मी को जानकारी दी, जिसने फिर पास के टेंट में रह रहे जल बोर्ड कर्मचारी योगेश को बुलाया। योगेश ने रात करीब साढ़े बारह बजे अपने मालिक राजेश प्रजापति को फोन कर घटना के बारे में बताया।

घायल को देखकर भी मदद नहीं की

सूचना मिलने के बाद राजेश प्रजापति मौके पर पहुंचा और खुद कमल को गंभीर हालत में पड़ा देखा। इसके बावजूद उसने एम्बुलेंस बुलाने या युवक को बाहर निकालने की कोई कोशिश नहीं की और चुपचाप वहां से लौटकर अपने घर चला गया।

इधर, कार सवार परिवार वापस लौट गया, सुरक्षाकर्मी अपने स्थान पर चला गया और कर्मचारी योगेश भी अपनी झुग्गी में जाकर सो गया। कमल पूरी रात गड्ढे में तड़पता रहा और सुबह तक उसकी मौत हो गई।

पूछताछ में पकड़ा गया झूठ

पुलिस ने जब राजेश से पूछताछ की तो उसने अनभिज्ञता जताई, लेकिन मोबाइल कॉल डिटेल और सीसीटीवी फुटेज ने उसके बयान को झूठा साबित कर दिया। इसके बाद उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी में जल बोर्ड से जुड़े और कौन-कौन लोग जिम्मेदार हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह केवल दुर्घटना नहीं बल्कि गंभीर आपराधिक लापरवाही का मामला है।

भाई ने लगाया गंभीर आरोप

कमल के भाई करण ने बताया कि हादसे की रात जब वह पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे थे, तब उन्होंने योगेश से सीधे पूछा था कि क्या यहां कोई दुर्घटना हुई है। इसके बावजूद योगेश ने सच छिपाया। करण का कहना है कि अगर समय रहते सच्चाई बता दी जाती, तो शायद उनके भाई की जान बचाई जा सकती थी।