दिल्ली। राजधानी में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। दिल्ली मेट्रो रेल निगम (DMRC) फेज-5 (बी) के तहत 7 नए कॉरिडोर विकसित करने जा रहा है, जिनसे शहर के कई अब तक कनेक्टिविटी से वंचित इलाकों को सीधे मेट्रो सुविधा मिलेगी।
इस परियोजना में करीब 97 किलोमीटर लंबा नेटवर्क और 65 नए स्टेशन शामिल होंगे, जिससे लाखों यात्रियों की दैनिक आवाजाही और अधिक आसान व तेज हो जाएगी।
DMRC के 32वें स्थापना दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस विस्तार योजना की घोषणा की। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 48,204 करोड़ रुपये बताई गई है। सरकार का मानना है कि इस विस्तार से न केवल यात्रा का समय घटेगा, बल्कि सड़कों पर यातायात का दबाव भी काफी कम होगा।
सात नए कॉरिडोर से जुड़ेगा पूरा शहर
नई योजना के तहत दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों को जोड़ने के लिए सात कॉरिडोर तैयार किए जाएंगे। इनमें नजफगढ़ से नांगलोई, आरके पुरम से जेएनयू, समयपुर बादली से नरेला, मायापुरी से सागरपुर, लोधी कॉलोनी से ओखला, शास्त्री पार्क से मयूर विहार और केशवपुरम से रोहिणी सेक्टर-34 तक के रूट शामिल हैं।
इनमें से कई कॉरिडोर एलिवेटेड होंगे, जबकि कुछ में अंडरग्राउंड सेक्शन भी होंगे। हर कॉरिडोर के माध्यम से दिल्ली के घनी आबादी वाले और तेजी से विकसित हो रहे इलाकों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।
चरणबद्ध तरीके से होगा निर्माण
सरकार ने इनमें से चार कॉरिडोर को प्राथमिकता में रखते हुए 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया है, जबकि बाकी कॉरिडोर बाद के चरण में विकसित किए जाएंगे। DMRC को सभी रूटों के लिए अलग-अलग विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस विस्तार से दिल्ली मेट्रो शहर के बाहरी इलाकों तक पहुंचेगी, जिससे न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी बल्कि राजधानी की समग्र ट्रैफिक व्यवस्था और पर्यावरण पर भी सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है।