नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव के परिणामों के बाद एक चीज तो तय हो गई कि एनडीए ही तीसरी मर्तबा सरकार बनाने जा रही है और उसके नेता प्रधानमंत्री मोदी होंगे। एनडीए के घटक दलों के पूर्ण समर्थन के बाद 9 जून को मोदी तीसरी बार पीएम मद की शपथ लेंगे। ऐसे में इस सरकार ने एक बाधा तो पार कर ली है,लेकिन शपथग्रहण से पहले कौन सा मंत्रालय किसको मिलेगा, यह तय नहीं हो पाया है। सूत्रों की मानें तो चंद्रबाबू नायडू की पार्टी टीडीपी 3 मंत्रालय चाहती है तो वहीं जेडीयू बिहार में जारी फॉर्मूले के आधार पर मंत्रालय मांग रही है। इसका मतलब है कि जेडीयू बीजेपी के बराबर मंत्री पद चाहती है। वहीं एलजेपी और हम पार्टी को एक-एक मंत्री पद मिल सकता है। हालांकि अभी कुछ भी आधिकारिक नहीं है।
जेडीयू इस फॉर्मूले पर चाहती है मंत्रीपद
नीतीश कुमार ने शुक्रवार को एनडीए की ससंदीय दल की बैठक में यह साफ कर दिया कि वो अब 5 साल तक इसी गठबंधन के साथी बनतर रहेंगे और जो भी मदद होगी या निर्णय होंगे उसपर पूरा साथ दिया जाएगा। इसके बाद बात मंत्रालयों पर आकर फंस रही है। पहले ऐसी खबर थी जेडीयू अपने कोटे से 3 मंत्री पद चाहती है जिसमें रेल मंत्रालय प्रमुखता से है। आज सूत्रों के हवाले से जो जानकारी मिल रही है, उसके हिसाब से कहानी अलग है। जनता दल यूनाइटेड चाहती है कि बीजेपी बिहार वाले फॉर्मूले पर काम करे, मतलब बीजेपी के जितने मंत्री होंगे उतने ही जेडीयू के भी होंगे। कहने को कल को अगर बीजेपी 6 मंत्री अपने बनाती है तो जेडीयू को भी 6 मंत्री पद ही चाहिए।