दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की मां, 80 वर्षीय रानी कपूर ने अपनी बहू प्रिया सचदेव कपूर और अभिनेत्री करिश्मा कपूर के बच्चों के खिलाफ पटियाला हाउस कोर्ट में दीवानी मुकदमा दायर किया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि परिवार के कुछ सदस्यों ने मिलकर एक धोखाधड़ीपूर्ण ट्रस्ट बनाया और इस माध्यम से रानी कपूर की संपत्ति, पारिवारिक विरासत और सोना ग्रुप की प्रमुख कंपनियों पर नियंत्रण गैर-कानूनी तरीके से अपने कब्जे में ले लिया।
रानी कपूर ने कोर्ट से ट्रस्ट को फर्जी, अमान्य और शून्य घोषित करने की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि वह अपने दिवंगत पति डॉ. सुरिंदर कपूर की संपत्ति की एकमात्र वारिस और लाभार्थी हैं। डॉ. सुरिंदर कपूर ने 6 फरवरी 2013 को वसीयत बनाई थी, जिसमें सारी संपत्ति रानी कपूर को सौंपी गई थी, जिसे जनवरी 2016 में बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा प्रमाणित किया गया। उनके तीनों बच्चों ने उस समय किसी प्रकार की आपत्ति नहीं जताई। इसके बावजूद अक्टूबर 2017 के आसपास बिना रानी कपूर की अनुमति के संपत्ति को इस ट्रस्ट में ट्रांसफर कर दिया गया।
याचिका में यह भी दावा किया गया है कि संजय कपूर के निधन (जून 2025) के तुरंत बाद प्रिया कपूर ने रानी कपूर की जानकारी और सलाह के बिना सोना ग्रुप की कंपनियों पर नियंत्रण हासिल करने के लिए तेज़ी से कदम उठाए।
प्रिया कपूर ने दर्ज कराया बयान
वहीं, प्रिया सचदेव कपूर ने पटियाला हाउस कोर्ट में अपनी ननद, मंधिरा कपूर स्मिथ के खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि मामले में बयान दर्ज कराया। विशेष न्यायाधीश की अदालत में बुधवार को पेश हुई प्रिया ने इन-कैमरा सुनवाई की मांग की, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया। उन्होंने कोर्ट को बताया कि मंधिरा द्वारा पॉडकास्ट, सोशल मीडिया और इंटरव्यू में लगाए गए आरोपों से उन्हें मानसिक पीड़ा हुई है। प्रिया ने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि इन्हें उनकी छवि खराब करने के उद्देश्य से फैलाया गया।