नई दिल्ली। पूर्व राजनयिक तरनजीत सिंह संधू बुधवार को दिल्ली के 23वें उपराज्यपाल के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ लेने के लिए तैयार हुए। यह शपथ ग्रहण समारोह लोक निवास में आयोजित किया गया, जिसमें दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने उन्हें शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।
संधू ने विनय कुमार सक्सेना का स्थान लिया है, जिन्हें हाल ही में लद्दाख का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया था।
संधू का राजनयिक अनुभव
तरनजीत सिंह संधू 1988 बैच के भारतीय विदेश सेवा अधिकारी हैं। उन्हें अमेरिका मामलों में विशेष अनुभव हासिल है और वे भारत के सबसे अनुभवी अमेरिकी राजनयिकों में गिने जाते हैं।
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फरवरी 2020 से जनवरी 2024: अमेरिका में भारत के राजदूत
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जुलाई 2005 से फरवरी 2009: संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में सेवा
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वाशिंगटन, डी.सी. में भारतीय दूतावास में कई अहम पदों पर कार्य
उनका लंबा और प्रभावशाली राजनयिक करियर अंतरराष्ट्रीय मामलों और विदेश नीति में गहरी समझ को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री का स्वागत और भरोसा
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने संधू का स्वागत करते हुए कहा,
"आप दिल्ली को और अधिक गति से आगे बढ़ाने के लिए यहां आए हैं। हमें पूरा भरोसा है कि आपके मार्गदर्शन में दिल्ली की समस्याओं के समाधान और तेजी से मिलेंगे। दिल्ली सरकार आपके दिशा-निर्देशन में काम करेगी।"
संधू की हालिया राजनीतिक गतिविधियां
संधू ने 2024 में राजनीति में कदम रखा और भाजपा के टिकट पर पंजाब के अमृतसर निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा चुनाव लड़ा। हालांकि, उन्हें इस चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। अब उन्हें दिल्ली के उपराज्यपाल के रूप में महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारी सौंपी गई है।
संधू की नियुक्ति उनके प्रशासनिक अनुभव और सार्वजनिक सेवा में योगदान को देखते हुए की गई है। उनका यह नया पद दिल्ली में सरकारी और नागरिक मामलों को नए दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।