दिल्ली। दिल्ली की सियासत में आम आदमी पार्टी (AAP) और भाजपा (BJP) के बीच टकराव फिर तेज हो गया है। यह विवाद विधानसभा में आप नेता आतिशी के कथित विवादित बयान से जुड़े वीडियो की फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट के बाद और गर्मा गया। रिपोर्ट आने के बाद दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया।
विधानसभा स्पीकर का दावा
दिल्ली विधानसभा स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने शनिवार को कहा कि वीडियो की सच्चाई की जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) ने जो रिपोर्ट दी है, उसमें वीडियो को मूल और बिना किसी छेड़छाड़ वाला बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार वीडियो के ऑडियो और विजुअल्स में किसी तरह का डॉक्युमेंटेशन या परिवर्तन नहीं किया गया।
भाजपा का हमला
एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद भाजपा के नेता कपिल मिश्रा ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह रिपोर्ट साबित करती है कि आतिशी ने विधानसभा में अनुचित व्यवहार किया। उन्होंने केजरीवाल और आप पर भी आरोप लगाए कि उन्होंने पंजाब पुलिस का दुरुपयोग कर आतिशी को बचाया। कपिल मिश्रा ने कहा, “सत्य को कभी प्रमाण की आवश्यकता नहीं होती, आज दूध का दूध और पानी का पानी हो गया।”
आप का जवाब
AAP ने भाजपा के दावों को “झूठ और फर्जीवाड़ा” करार दिया। आप नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा की फोरेंसिक रिपोर्ट आधी जानकारी पर आधारित है और पार्टी अपनी इज्जत बचाने के लिए इसे पेश कर रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली और पंजाब दोनों फोरेंसिक रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि ‘गुरु’ शब्द का इस्तेमाल नहीं हुआ, लेकिन भाजपा ने इसे घुमाकर पेश किया। भारद्वाज ने कहा, “जहां कोई लेना-देना नहीं है, वहां भाजपा सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की कोशिश कर रही है।”
पंजाब मुख्यमंत्री का बयान
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी भाजपा के आरोपों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा चाहती है तो सीबीआई जांच करवा सकती है, लेकिन फोरेंसिक रिपोर्ट पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि आतिशी ने कोई अपमानजनक शब्द नहीं कहा। मान ने कहा कि भाजपा द्वारा उपशीर्षक देकर विवाद खड़ा करना अनुचित है।