मोहाली। हरियाणा में सोमवार को राज्यसभा की दो सीटों पर हुए चुनाव में भाजपा और कांग्रेस ने अपने-अपने उम्मीदवारों को जीत दिलाई। भाजपा के संजय भाटिया को पहले से ही जीत का भरोसा था, जबकि कांग्रेस के कर्मवीर बौद्ध को कांटे की टक्कर में जीत दर्ज करनी पड़ी। उन्होंने भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल को मात्र तीन मतों के अंतर से हराया।
राज्यसभा चुनाव के परिणाम रात लगभग सवा बजे तय हुए, हालांकि रिटर्निंग अधिकारी ने विधिवत घोषणा नहीं की थी। इस बार भाजपा ने निर्दलीय उम्मीदवार की वजह से हैट्रिक बनाने से चूक की, वहीं कांग्रेस ने पिछले दो चुनावों में हुई हार का कलंक मिटाते हुए अपने उम्मीदवार को जीत दिलाई।
कर्मवीर बौद्ध को कांग्रेस में क्रॉस वोटिंग के बावजूद जीत हासिल हुई। कुल 90 सदस्यों वाली विधानसभा में 88 वोट पड़े। इनैलो के दो विधायकों, अर्जुन सिंह चौटाला और अदित्य देवीलाल चौटाला ने मतदान नहीं किया।
भाजपा के संजय भाटिया को जीत के लिए 31 वोट चाहिए थे, लेकिन पार्टी ने उन्हें 33 वोट दिलवाए ताकि किसी वोट रद्द होने की स्थिति में उनकी जीत पर असर न पड़े। इस दौरान कांग्रेस और भाजपा दोनों ने एक-दूसरे के वोट रद्द करने के लिए शिकायतें चुनाव आयोग को भेजीं। केंद्रीय चुनाव आयोग ने सुनवाई के बाद अनिल विज और भरत सिंह बेनीवाल के वोट को वैध और परमवीर सिंह के वोट को रद्द कर दिया।
मतगणना में संजय भाटिया को 33 वोट, कर्मवीर बौद्ध को 28 वोट और निर्दलीय सतीश नांदल को 25 वोट मिले। छह वोट क्रॉस वोटिंग के तहत आए और कुल तीन वोट रद्द किए गए।
मतगणना सुबह 11 बजे शुरू होकर रात सवा तीन बजे तक चली। मतदान प्रक्रिया में विधायकों की सक्रिय भागीदारी रही। सबसे पहले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मतदान किया। दोपहर 2:50 बजे तक कुल 87 विधायकों ने मतदान कर दिया था। विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण हरिद्वार में अपनी माता के अस्थि विसर्जन में शामिल होने के बाद सबसे अंत में वोट डालने पहुंचे।
इस चुनाव में कांग्रेस की जीत को विपक्षी नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा की बड़ी सफलता माना जा रहा है। वहीं भाजपा ने अपने उम्मीदवार को मजबूत समर्थन देने के बावजूद निर्दलीय उम्मीदवार के चलते मुकाबले में चुनौती भरी स्थिति का सामना किया।