फरीदाबाद। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को हरियाणा स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी की करीब 140 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क कर दी है। यह विश्वविद्यालय 10 नवंबर को लालकिला क्षेत्र में हुए धमाके के बाद सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में आया था। ईडी ने इस मामले में अल-फलाह ग्रुप के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी और अल-फलाह ट्रस्ट के खिलाफ विशेष पीएमएलए अदालत में चार्जशीट भी दाखिल की है।
54 एकड़ के कैंपस और इमारतें कुर्क
ईडी के अनुसार फरीदाबाद के धौज क्षेत्र में स्थित 54 एकड़ भूमि पर फैले विश्वविद्यालय परिसर, शैक्षणिक भवन, विभागों और स्कूलों की इमारतें, साथ ही छात्रावास कुर्क किए गए हैं। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत अस्थायी कुर्की आदेश के जरिए की गई।
संपत्तियों को अपराध से अर्जित घोषित
ईडी ने इन संपत्तियों को अल-फलाह ट्रस्ट के नाम पर रखते हुए ‘अपराध से अर्जित आय’ की श्रेणी में रखा है। एजेंसी पहले से ही इन संपत्तियों को कुर्क करने की तैयारी कर रही थी।
छात्रों से कथित धोखाधड़ी
जवाद सिद्दीकी को नवंबर में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। ईडी का आरोप है कि ट्रस्ट द्वारा संचालित संस्थानों के पास आवश्यक मान्यता नहीं थी, बावजूद इसके छात्रों और अभिभावकों से फीस वसूली गई।
चार्जशीट और अभियोजन की मांग
ईडी ने जवाद सिद्दीकी और अल-फलाह ट्रस्ट के खिलाफ पीएमएलए अदालत में चार्जशीट दाखिल की है और मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत उनके खिलाफ अभियोजन की मांग की है।
छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो
अधिकारियों ने बताया कि कुर्की का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अपराध से अर्जित संपत्ति बेची या हस्तांतरित न हो। कुर्की के बाद विश्वविद्यालय के प्रशासन की जिम्मेदारी सरकार द्वारा नियुक्त रिसीवर को सौंपी जा सकती है, ताकि छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
कुल कथित अवैध कमाई 415 करोड़ से अधिक
ईडी का दावा है कि सिद्दीकी के निर्देश पर विश्वविद्यालय और उससे जुड़े ट्रस्ट ने फर्जी मान्यता और झूठे दावे दिखाकर छात्रों और अभिभावकों से कम से कम 415.10 करोड़ रुपये की ‘अपराध से अर्जित आय’ हासिल की।
लालकिला धमाके से कनेक्शन
यूनिवर्सिटी से जुड़े डॉ. उमर पर आरोप है कि उन्होंने 10 नवंबर को विस्फोटकों से भरी कार चलाकर आत्मघाती हमला किया, जिसमें लालकिला के बाहर 15 लोगों की मौत हुई।