अमेरिका-इज़राइल-ईरान संघर्ष के चलते कच्चे तेल, एलएनजी और एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। घरेलू इस्तेमाल वाले एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति सरकार की देखरेख में जारी है, लेकिन कमर्शियल सिलेंडरों में बाधा के कारण होटल और रेस्तरां प्रभावित हो रहे हैं।

मुंबई में छोटे और मध्यम आकार के लगभग 20% होटल और रेस्तरां अस्थायी रूप से बंद हो गए हैं। होटल उद्योग का कहना है कि अगर आपूर्ति बाधित रही तो दो दिनों के भीतर 50% तक रेस्तरां और होटल काम बंद कर सकते हैं। बंगलुरु में भी इसी तरह की स्थिति बनी हुई है।

एलपीजी डीलरों का बयान

एक एलपीजी डीलर ने बताया कि घरेलू सिलेंडरों का स्टॉक पर्याप्त है और आपूर्ति में कोई व्यवधान नहीं है। लेकिन कमर्शियल सिलेंडरों की कमी के कारण कई होटल और रेस्तरां दबाव में हैं। इंडेन के वितरक गिरिधर एजेंसीज ने भी पुष्टि की कि घरेलू सिलेंडरों की आपूर्ति नियमित रूप से हो रही है।

डीलर ने ग्राहकों को आश्वासन दिया: "हमें प्रतिदिन पर्याप्त माल मिल रहा है। आपूर्ति रुकने का कोई डर नहीं है।"

होटल और रेस्तरां संघ का बयान

फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष प्रदीप शेट्टी ने कहा कि कई शहरों में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति बाधित है। विशेष रूप से मुंबई, पुणे, औरंगाबाद और नागपुर में समस्या गंभीर है। पेट्रोलियम मंत्रालय के 5 मार्च के नोटिफिकेशन के बाद आपूर्ति और वितरकों के बीच भ्रम के कारण कई रेस्तरां और फूड सर्विस कंपनियों को कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति बंद करनी पड़ी।

मुंबई में सिलेंडर संकट की गंभीरता

मुंबई में लगभग 10,000 होटल और रेस्तरां हैं, जो चार लाख से अधिक लोगों को रोजगार देते हैं। वर्तमान में छोटे और मध्यम होटल-रेस्तरां का लगभग 20% (लगभग 2,000) पहले ही अस्थायी रूप से बंद हो चुका है। बड़े और तीन-चार सितारा होटल अभी स्टॉक के कारण चल रहे हैं, लेकिन अगले हफ्ते संकट और बढ़ सकता है।

व्यावसायिक स्टॉक और कीमतों का हाल

वी हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड के अध्यक्ष कमलेश बारोट के अनुसार, एक रेस्तरां रोजाना 3-4 सिलेंडर का उपयोग करता है और लगभग चार दिनों का स्टॉक रखता है। 19 किलो कमर्शियल सिलेंडर की कीमत लगभग ₹1,840 है, लेकिन ब्लैक मार्केट में यह ₹3,000 से ₹6,000 तक बिक रहा है। होटल और रेस्तरां को स्टॉक कम होने पर मेन्यू छोटा करना पड़ सकता है।

पर्यटन और कॉर्पोरेट सेक्टर पर असर

मुंबई में छोटे और मध्यम होटल-रेस्तरां बंद होने से शहर में पर्यटकों और ऑफिस कर्मचारियों पर असर पड़ेगा। फाइव और थ्री स्टार होटल में ठहरने वाले पर्यटक तो प्रभावित होंगे ही, छोटे होटल और ढाबों पर निर्भर पर्यटक भी परेशानी में आएंगे।

विशेषज्ञों का कहना है कि कमर्शियल एलपीजी की कमी से सबसे पहले छोटे और मध्यम होटल और रेस्तरां प्रभावित होंगे, जिससे रोजगार और खाद्य सेवाओं पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।