गुरुग्राम में सोमवार को प्रदेश सरकार ने नई औद्योगिक नीति को लॉन्च कर लागू कर दिया। साइबर सिटी स्थित होटल ग्रैंड हयात में आयोजित कार्यक्रम में यह नीति प्रदेश भर के उद्यमियों के सामने पेश की गई। लॉन्च से पहले उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत संवाद किया गया और उन्हें नीति के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान उद्यमियों ने तालियों के साथ नई नीति का स्वागत किया और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के प्रयासों की सराहना की। उद्योगपतियों का कहना था कि यह नीति ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकती है।
नई औद्योगिक नीति में सभी प्रमुख क्षेत्रों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है, जिससे विदेशी निवेश के साथ-साथ स्टार्टअप सेक्टर को भी मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। सरकार ने अगले पांच वर्षों में पांच लाख करोड़ रुपये के निवेश और 10 लाख रोजगार सृजन का लक्ष्य रखा है।
इसके लिए प्रदेश में औद्योगिक भूमि की उपलब्धता बढ़ाने, सिंगल विंडो सिस्टम को और प्रभावी बनाने तथा स्टार्टअप्स को सब्सिडी जैसी सुविधाएं देने का प्रावधान किया गया है। सरकार का मानना है कि इससे निवेश प्रक्रिया आसान होगी और उद्योगों को गति मिलेगी।
उद्यमियों के अनुसार, नीति में जो प्रावधान किए गए हैं, वे व्यावहारिक हैं, लेकिन इनका सही क्रियान्वयन बेहद जरूरी है। उनका कहना है कि यदि नीति में शामिल सुविधाओं को जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू किया गया, तो निवेशकों का भरोसा और बढ़ेगा।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि जल्द ही इंडस्ट्रियल समिट और एआई समिट का आयोजन किया जाएगा, जिससे औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
उद्यमियों ने यह भी सुझाव दिया कि सरकार को नीति की नियमित निगरानी करनी चाहिए, ताकि निवेशकों को समय पर सभी सुविधाएं मिल सकें और ढांचागत विकास को गति दी जा सके।
वहीं, कुछ उद्योग प्रतिनिधियों ने गुरुग्राम में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और खेड़कीदौला टोल जैसे मुद्दों पर भी ध्यान देने की आवश्यकता जताई।