हरियाणा: IDFC फर्स्ट बैंक से जुड़े बहुचर्चित घोटाले में राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) को बड़ी सफलता मिली है। जांच के दौरान दो और अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनकी पहचान रणधीर सिंह और राजेश सांगवान के रूप में हुई है।

रणधीर सिंह हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद में कंट्रोलर फाइनेंस एंड अकाउंट्स के पद पर कार्यरत हैं, जबकि राजेश सांगवान हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड में कंट्रोलर फाइनेंस एंड अकाउंट्स हैं। जांच एजेंसी ने बताया कि दोनों अधिकारियों ने मुख्य आरोपियों के साथ मिलकर बैंक से जुड़े घोटाले को अंजाम देने में सक्रिय भूमिका निभाई। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने वित्तीय लेन-देन और दस्तावेजी प्रक्रियाओं में गड़बड़ी कर घोटाले में योगदान दिया।

इससे पहले शनिवार को रजन कटोदिया को गिरफ्तार किया गया था। रविवार को अदालत में राजन कटोदिया सहित कुल चार आरोपियों को पेश किया गया। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन आरोपियों को चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा, ताकि उनसे गहन पूछताछ करके पूरे नेटवर्क और घोटाले के अन्य पहलुओं का खुलासा किया जा सके।

पहले से गिरफ्तार आरोपी अंकुर शर्मा को अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेजा है। सतर्कता ब्यूरो का मानना है कि पूछताछ के दौरान और भी महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं और घोटाले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका उजागर हो सकती है।

ब्यूरो के अधिकारियों ने बताया कि जांच अभी जारी है और वित्तीय दस्तावेजों, लेन-देन रिकॉर्ड और डिजिटल सबूतों की गहन पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।