कैथल। चीका स्थित बीडीपीओ कार्यालय में दुकानों के निर्माण को लेकर हुए विवाद के दौरान एसडीएम कैप्टन प्रमेश को झुनझुना थमाने के मामले में पुलिस ने कांग्रेस विधायक देवेंद्र हंस सहित पांच लोगों के खिलाफ गुहला थाना में केस दर्ज किया है।
विधायक के अलावा इस मामले में हरदीप सिंह (बदसुई), दीपक शर्मा (संजय बस्ती, चीका), जगजीत सिंह (डेरा भाग) और हर्ष गर्ग (एडवोकेट कॉलोनी, चीका) भी आरोपी हैं। एसडीएम की शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इन लोगों ने उन्हें धमकाया, मानहानि की और सरकारी कामकाज में बाधा डाली।
घटना की रूपरेखा
19 जनवरी को दोपहर करीब 2 बजे विधायक देवेंद्र हंस अपने समर्थकों के साथ बीडीपीओ कार्यालय पहुंचे। उनका आरोप था कि सरकारी जमीन पर दुकानों की लंबाई बढ़ाने के एवज में पैसे लिए गए। एसडीएम प्रमेश ने मामले की जांच कर निर्माण कार्य रोक दिया था। इसके बाद विधायक ने एसडीएम को झुनझुना पकड़ने और बजाने को कहा, जिससे उनकी गरिमा और अधिकार पर ठेस पहुंची।
एसडीएम ने बताया कि आरोपी हर्षदीप ने पहले भी विवादित मामलों में भूमिका निभाई थी और इस बार भी झुनझुना छिपा रखा था। घटना के दौरान भड़काऊ नारे भी लगाए गए। इसके अलावा विधायक ने मीडिया और सोशल मीडिया पर एसडीएम के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए।
कानूनी कार्रवाई और जांच
एसडीएम के शिकायत के बाद पुलिस ने अदालत से अनुमति लेकर जांच की और अदालत के मौखिक आदेशों के बाद केस दर्ज कर लिया गया। मामले में शामिल सभी आरोपितों से पूछताछ की जाएगी और जांच के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। विधानसभा स्पीकर को भी विधायक के खिलाफ केस दर्ज होने की सूचना भेजी जाएगी।
विधायक का पक्ष
विधायक देवेंद्र हंस ने कहा कि यह मामला उनके ऊपर दबाव डालने के लिए दर्ज किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्ट अधिकारी उनके जनहित के मुद्दों को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “पहले झुनझुना दिया गया, आगे भ्रष्ट अधिकारियों को डमरू दूंगा। मैं जनहित में भ्रष्टाचार के मुद्दे उठाना जारी रखूंगा।”