ग्रेटर नोएडा। सुपरटेक ईकोविलेज 1 सोसायटी में सोमवार शाम को लिफ्ट दुर्घटना का मामला सामने आया। जानकारी के अनुसार, 65 वर्षीय रानी प्रसाद अपने नाती और नातिन के साथ 13वीं मंजिल से सातवीं मंजिल तक लिफ्ट में थीं, तभी लाइट जाने के कारण लिफ्ट अचानक गिर गई। इस घटना में रानी प्रसाद के पैर में चार जगह फ्रैक्चर हो गए।
रानी प्रसाद अपने परिवार के साथ एफ7 टॉवर में रहती हैं। उनके पति उमेश्वर प्रसाद ने बताया कि दोनों बच्चे टावर 5 में ट्यूशन जाते हैं। रानी प्रसाद उन्हें लेने गई थीं और लिफ्ट से वापसी के दौरान हादसा हुआ।
बच्चे और रानी सुरक्षित, लेकिन घबराहट में थे सभी
13वीं मंजिल पर लिफ्ट रुकते ही बिजली चली गई और तकनीकी खामी के कारण लिफ्ट सातवीं मंजिल पर गिर गई। रानी और दोनों बच्चे लिफ्ट के फ्लोर पर गिर गए, लेकिन किसी तरह खुद को संभाल लिया। ग्राउंड फ्लोर पर पहुंचने के बाद रानी बाहर नहीं निकल पा रही थीं। बच्चों की चिंता करते हुए रानी ने धीरे-धीरे अपने फ्लैट तक पहुंचकर परिवार को घटना की जानकारी दी।
उमेश्वर प्रसाद ने बताया कि गार्ड से व्हीलचेयर भी उपलब्ध नहीं थी। उपचार के लिए रानी को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां एक्सरे में पैर में चार फ्रैक्चर की पुष्टि हुई। उन्हें प्लास्टर कराकर घर लाया गया।
सोसायटी में लिफ्ट और सुविधाओं की लगातार समस्या
परिवार का आरोप है कि सोसायटी में लिफ्ट सहित जरूरी सुविधाओं का रखरखाव ठीक से नहीं हो रहा। इससे पहले भी लिफ्ट में फंसने जैसी घटनाएं हो चुकी हैं।
जिले में लिफ्ट एक्ट लागू होने के बावजूद सुपरटेक ईकोविलेज जैसी कई सोसायटी में पंजीकरण नहीं कराया गया है। गौतमबुद्ध नगर में करीब 90 हजार लिफ्ट में से केवल 10 फीसदी ही पंजीकृत हैं। कानून के अनुसार लिफ्ट और एस्केलेटर का पंजीकरण अनिवार्य है।
तकनीकी खामी के कारण गिरा लिफ्ट
ईकोविलेज 1 में कुल 52 टावर हैं और लगभग 97 लिफ्ट हैं। सभी लिफ्टों में यूपीएस सिस्टम मौजूद है, जो सामान्य परिस्थितियों में बिजली जाने पर लिफ्ट को नजदीकी मंजिल पर रोक देता है। लेकिन इस घटना में तकनीकी खामी के कारण लिफ्ट सीधे सातवीं मंजिल तक गिर गई।