हरियाणा के फरीदाबाद की नीमका जेल में एक संदिग्ध आतंकी की हत्या का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि मध्यरात्रि लगभग दो बजे साथी बंदी अरुण चौधरी ने नुकीले हथियार से हमला कर अब्दुल रहमान की हत्या कर दी।
अब्दुल रहमान पर आरोप था कि वह राम मंदिर को बम से निशाना बनाने की साजिश में शामिल था। हत्या के बाद जेल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हत्या का संबंध अब्दुल रहमान की आतंकी गतिविधियों से है या यह किसी आपसी विवाद का परिणाम है।
संदिग्ध आतंकी की पृष्ठभूमि और गिरफ्तारी
अब्दुल रहमान जम्मू-कश्मीर के कठुआ का रहने वाला था। वह 2 मार्च 2025 को गुजरात एटीएस और हरियाणा एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में पाली इलाके से गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तार होने के बाद उसे फरीदाबाद की नीमका जेल में रखा गया।
अरुण चौधरी भी आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में जेल में बंद था और अक्टूबर 2024 में नीमका जेल शिफ्ट किया गया था।
सोशल मीडिया और ब्रेनवॉश की भूमिका
जानकारी के अनुसार, अब्दुल रहमान पहले अयोध्या के मजनाई का रहने वाला था और ई-रिक्शा चलाता तथा पिता की चिकन की दुकान संभालता था। उसने सोशल मीडिया के जरिए इस्लामिक स्टेट और तालीबान के वीडियो देखना शुरू किया।
इसके बाद वह लकड़ी और लोहे की नकली बंदूकें बनाकर इंस्टाग्राम पर वीडियो और फोटो डालने लगा। उसकी पहली आईडी ar_rahman ब्लॉक हो गई, लेकिन उसने कई नई आईडी बनाईं।
साल 2023 में अब्दुल को इंस्टाग्राम पर Abu_ubaida नामक आईडी पर Altaf नामक व्यक्ति ने संदेश भेजा और उसे जिहाद के लिए प्रेरित करना शुरू किया। आरोपी ने खुद को इस्लामिक स्टेट ऑफ खोरासान का सदस्य बताया और अब्दुल को संगठन के प्रति समर्पित करने के लिए वीडियो बनाने और झंडा बनाने के निर्देश दिए।
जेल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
इस हत्या ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस और प्रशासन मामले की जांच में जुट गए हैं, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि हत्या आतंकी गतिविधियों का परिणाम थी या व्यक्तिगत रंजिश की वजह से हुई।