द सोनीपत सहकारी चीनी मिल में टेंडर न होने के विरोध में भाकियू (चढूनी) के आह्वान पर वीरवार को किसान एकत्रित हुए। वह चीनी मिल से ट्रैक्टर यात्रा निकालते हुए लघु सचिवालय पर पहुंचे। अधिकारियों ने गेट पर न पहुंचने पर किसानों ने एक घंटे तक धरना दिया। इसके बाद अतिरिक्त उपायुक्त अंकिता चौधरी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर टेंडर को लेकर मिल में चल रहे घटनाक्रम की जांच कराने की मांग की। 

यात्रा का नेतृत्व कर रहे युवा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र पहल ने कहा कि चीनी मिल में मरम्मत का टेंडर होने के बाद कार्य शुरू हो चुका होता तो मिल समय पर चालू हो जाती। टेंडर न होने के कारण मिल समय पर चालू होना असंभव है। प्रदेश की अन्य जिलों में चीनी मिलों में मरम्मत कार्य शुरू हो चुका है, लेकिन मिल में टेंडर न होने के कारण उनकी परेशानी बढ़ रही है। यह मिल किसानों का है।

अधिकारियों की मिल की मरम्मत कराने की मंशा ठीक नहीं है। जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर जरूरत पड़ी तो आंदोलन तेज कर दिया जाएगा। ऐसे में उनकी मुख्यमंत्री से मांग है कि चीनी मिल में टेंडर को लेकर चल रही कमीशनखोरी को बंद किया जाए। साथ ही मामले की जांच करते हुए चीनी मिल की मरम्मत कार्य शुरू कराया जाए।