पश्चिम बंगाल में मतगणना से पहले सुरक्षा व्यवस्था और पारदर्शिता को लेकर प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए हैं। राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज अग्रवाल ने शुक्रवार को साफ कहा कि मतगणना केंद्रों और स्ट्रॉन्ग रूम में किसी भी तरह की अनियमितता की संभावना नहीं है, क्योंकि पूरी व्यवस्था सीसीटीवी निगरानी के दायरे में है।
स्ट्रॉन्ग रूम की 24 घंटे निगरानी
सीईओ ने बताया कि ईवीएम सुरक्षित स्ट्रॉन्ग रूम में रखी गई हैं और इनकी लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि बाहर लगे मॉनिटरों के जरिए लोग भी गतिविधियों पर नजर रख सकते हैं। उनके अनुसार, बिना किसी पुख्ता सबूत के लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह निराधार हैं।
राजनीतिक दलों की सतर्कता बढ़ी
मतगणना को लेकर राजनीतिक दलों की सतर्कता भी बढ़ गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यकर्ता और उम्मीदवार लगातार मतगणना केंद्रों पर नजर बनाए हुए हैं।
पार्टी प्रवक्ता और बेलेघाटा सीट से उम्मीदवार कुणाल घोष ने कहा कि सभी पोलिंग एजेंट्स और उम्मीदवारों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने आशंका जताई कि डाक मतपत्रों की गिनती के समय अतिरिक्त सावधानी जरूरी है, इसलिए पार्टी ने अपने प्रतिनिधियों को पूरी निगरानी रखने को कहा है।
आरोपों पर चुनाव आयोग का जवाब
टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए सीईओ ने स्पष्ट किया कि हावड़ा के उदयनारायणपुर में मतदान के दौरान किसी तरह की धक्का-मुक्की नहीं हुई थी। उन्होंने बताया कि 82 वर्षीय मतदाता की मौत स्वास्थ्य कारणों से हुई थी और घटना की पूरी रिकॉर्डिंग उपलब्ध है।
सुरक्षा व्यवस्था और सख्त की गई
कोलकाता के खुदीराम अनुशीलन केंद्र सहित प्रमुख मतगणना स्थलों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। यहां अतिरिक्त केंद्रीय अर्धसैनिक बल और सशस्त्र पुलिस बल की तैनाती की गई है।
संयुक्त पुलिस आयुक्त (ट्रैफिक) रूपेश कुमार ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में संचालित की जा रही है। सीसीटीवी मॉनिटरिंग तक केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही पहुंच दी गई है।
राज्य की मंत्री शशि पांजा ने भी केंद्र का दौरा कर कहा कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, ताकि मतगणना शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो सके।