हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में शुक्रवार दोपहर मौसम ने अचानक करवट ली और कई इलाकों में तेज बारिश दर्ज की गई। कुछ ही देर की मूसलाधार बारिश के कारण शहर के नालों में पानी का स्तर बढ़ गया और कई जगहों पर नाले ओवरफ्लो होकर सड़क पर आ गए, जिससे लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

मौसम विभाग के अनुसार राज्य के अलग-अलग हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश रिकॉर्ड की गई। रोहड़ू में 20.0 मिमी, सराहन में 15.5 मिमी, पंडोह में 3.4 मिमी, चंबा में 2.0 मिमी, रामपुर में 1.6 मिमी, गुलेर में 1.2 मिमी, जबकि शिमला और मशोबरा में 1.0-1.0 मिमी बारिश दर्ज की गई।

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने बताया कि अगले 3 से 4 दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के शेष हिस्सों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। वहीं हिमाचल प्रदेश में मानसून 1 जुलाई तक पहुंचने की संभावना जताई गई है।

विभिन्न स्थानों पर न्यूनतम तापमान

शिमला में न्यूनतम तापमान 16.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा सुंदरनगर में 20.6, भुंतर 21.0, कल्पा 11.8, धर्मशाला 21.3, ऊना 22.5, नाहन 21.5, केलांग 13.0, पालमपुर 19.0, सोलन 17.4, कांगड़ा 22.4, मंडी 22.3, बिलासपुर 22.0, हमीरपुर 23.6, जुब्बड़हट्टी 19.5, कुफरी 14.1, कुकुमसेरी 6.6, नारकंडा 12.0, भरमौर 14.0, रिकांगपिओ 15.7, सेऊबाग 20.0, बरठीं 21.6, पांवटा साहिब 28.0, देहरा गोपीपुर 26.0, ताबो 13.4, मशोबरा 17.4 और नेरी में 23.1 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

मौसम पूर्वानुमान

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के मुताबिक 30 जून तक प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। इस दौरान कई स्थानों पर तेज हवाएं (अंधड़) चलने के भी आसार हैं।

1 और 2 जुलाई को राज्य के कई क्षेत्रों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं आने वाले 4 से 5 दिनों तक तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है।