कटनी जिले से वन्यजीवों के सामूहिक शिकार का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जिसने वन विभाग को भी हिलाकर रख दिया है। आरोप है कि शिकारियों ने जंगल के एक तालाब में जहरीला पदार्थ मिलाकर वन्यजीवों को निशाना बनाया, जिससे 12 चीतल और 2 सांभर की मौत हो गई। घटना के बाद वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

यह मामला विजयराघवगढ़ वन परिक्षेत्र की घुघरी बीट के आरएफ-62 क्षेत्र का है। गुरुवार सुबह नियमित गश्त के दौरान वन अमले को तालाब के आसपास करीब 100 मीटर के दायरे में बड़ी संख्या में मृत चीतल और सांभर मिले। एक साथ इतने वन्यजीवों की मौत की जानकारी मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया और पूरा क्षेत्र सील कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।

डॉग स्क्वॉड की मदद से की गई जांच में टीम घुघरी गांव के एक संदिग्ध के घर तक पहुंची। वहां तलाशी के दौरान ताजा खून के निशान, वन्यजीवों के बाल, मांस, शिकार में इस्तेमाल होने वाले फंदे और अन्य उपकरण बरामद हुए। इसके आधार पर सुरेश चौधरी को मौके से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ और उसकी निशानदेही पर दुर्गेश सहित कुल तीन आरोपियों को घुघरी और गाडरी गांव से हिरासत में लिया गया।

वन विभाग के एसडीओ सुरेश बारोले के अनुसार प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने तालाब के पानी में जहर मिलाने की बात स्वीकार की है। माना जा रहा है कि जहरीला पानी पीने से ही इन वन्यजीवों की मौत हुई है।

सभी मृत चीतलों और सांभर का पोस्टमार्टम कर अंतिम संस्कार कर दिया गया है, जबकि तालाब के पानी के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि होगी।

फिलहाल तीनों आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।