जम्मू। आगामी अमरनाथ यात्रा को लेकर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने तैयारियों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज कर दी है। यह पवित्र यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 57 दिनों तक चलेगी और 28 अगस्त, रक्षाबंधन के दिन संपन्न होगी। यात्रा इस बार भी पहलगाम (अनंतनाग) और बालटाल (गांदरबल) दोनों मार्गों से संचालित की जाएगी।
भगवती नगर बेस कैंप का निरीक्षण
सोमवार को जम्मू के डिविजनल कमिश्नर रमेश कुमार और आईजीपी जम्मू भीम सेन टूटी ने भगवती नगर बेस कैंप का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने यात्रा से जुड़ी तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।
अधिकारियों ने रजिस्ट्रेशन काउंटर, आरएफआईडी सेंटर, स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता व्यवस्था, आवास और सुरक्षा इंतजामों का निरीक्षण किया।
सुविधाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश
प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि यात्रियों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं तय समय सीमा के भीतर पूरी की जाएं। इसमें सफाई व्यवस्था, लंगर सेवा, पेयजल, बिजली आपूर्ति और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं को और मजबूत करने पर जोर दिया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कड़े निर्देश
डिविजनल कमिश्नर ने बताया कि सभी तैयारियों को 10 जून तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, सुरक्षा एजेंसियों को ड्रोन निगरानी, सीसीटीवी सर्विलांस, क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) की तैनाती और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
आईजीपी जम्मू ने काठुआ, सांबा और लखनपुर क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की और हाईवे तथा सीमा क्षेत्रों में चौकसी बढ़ाने के निर्देश दिए।
समन्वय के साथ सुरक्षित यात्रा का लक्ष्य
प्रशासन ने कहा है कि विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय के जरिए इस बार अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित, सुचारू और सफल बनाने की पूरी तैयारी की जा रही है।