श्रीनगर/जम्मू। ईरान में हुए हमले में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई की मौत की खबर के बाद जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कई हिस्सों में रविवार को विरोध प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों ने तस्वीरें, पोस्टर, बैनर और ईरानी झंडे लेकर अमेरिका और इस्राइल के खिलाफ नारेबाजी की। कारगिल और द्रास में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे, जिनमें शिया और सुन्नी समुदाय के लोग शामिल थे।
कश्मीर घाटी में भी विभिन्न स्थानों पर लोगों ने शोक सभाएं आयोजित कीं। अंजुमन-ए-शरी शियान ने प्रदेश में 40 दिन के शोक की घोषणा की है। संगठन के अध्यक्ष आगा सैयद हसन अल-मूसावी अल-सफवी ने लोगों से शांति बनाए रखते हुए शोक मनाने की अपील की।
लाल चौक सहित कई इलाकों में सुरक्षा कड़ी
श्रीनगर के लाल चौक क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए, जहां देर शाम तक शोक सभा और प्रदर्शन जारी रहे। प्रशासन ने एहतियातन लाल चौक और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी। घंटाघर क्षेत्र के आसपास अतिरिक्त बल तैनात किया गया और कई प्रमुख चौराहों पर बैरिकेडिंग की गई। अधिकारियों के अनुसार संवेदनशील क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाए गए हैं।
सैदा कदल, बडगाम, बांदीपोरा, अनंतनाग और पुलवामा समेत अन्य जिलों में भी विरोध प्रदर्शन दर्ज किए गए। कुछ स्थानों पर एहतियाती प्रतिबंध लगाए गए हैं ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। शिया बहुल इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है।
जम्मू में भी निकाले गए जुलूस
जम्मू क्षेत्र में भी विभिन्न संगठनों ने शोक जुलूस निकाले। जुलूस इमामबाड़ा सूफी शाह पीर मीठा से शुरू होकर कर्बला कॉम्प्लेक्स तक पहुंचा। बठिंडी इलाके में महिलाओं और बच्चों ने भी एकत्र होकर शोक व्यक्त किया।
दो दिन शिक्षण संस्थान बंद
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने कश्मीर घाटी में दो दिनों के लिए सभी शिक्षण संस्थानों को बंद रखने का निर्णय लिया है। स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय इस अवधि में बंद रहेंगे।
मुख्यमंत्री की शांति की अपील
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने घटनाक्रम पर चिंता व्यक्त करते हुए सभी समुदायों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाह से बचा जाए और सामाजिक सौहार्द बनाए रखा जाए। साथ ही उन्होंने बताया कि ईरान में मौजूद जम्मू-कश्मीर के निवासियों और छात्रों की सुरक्षा के संबंध में राज्य सरकार संबंधित केंद्रीय एजेंसियों के संपर्क में है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हालात पर नजर रखी जा रही है और शांति बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।