श्रीनगर। लगातार हो रही भारी बर्फबारी के कारण श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) दूसरे दिन भी बंद है, जिससे कश्मीर घाटी में सैकड़ों पर्यटक फंसे हुए हैं। यह मार्ग घाटी को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने वाला एकमात्र ऑल-वेदर सड़क मार्ग है।

राजमार्ग बंद होने के चलते यात्रियों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। राजस्थान से आए पर्यटक कैलाश ने कहा, “हम पिछले दो दिन से श्रीनगर में फंसे हैं। बर्फ देखने आए थे, लेकिन अब यही बर्फ हमारे लिए चुनौती बन गई है। हमारा परिवार हमारे लिए इंतजार कर रहा है, हमें रास्ता खोलने की जल्दी है।”

कई पर्यटक हवाई यात्रा के बढ़े हुए खर्च से भी परेशान हैं। उड़ानें रद्द होने के बाद टिकट की कीमतें 20 से 25 हजार रुपये तक पहुंच गई हैं। मोहित शर्मा, एक अन्य पर्यटक, ने बताया, “मौसम में सुधार होने के बावजूद सड़क मार्ग अभी तक नहीं खुला। हम घर लौटना चाहते हैं, लेकिन मजबूरी में यहाँ फंसे हैं। बजट से ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है।”

हालांकि कुछ पर्यटक इस स्थिति को एक नए अनुभव के रूप में भी देख रहे हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रोफेसर शिप्रा भारद्वाज ने कहा, “मैं खुद को फंसी हुई महसूस नहीं करती। हर किसी को इतनी सौभाग्य नहीं मिलती कि बर्फ से ढकी घाटी में रह सकें। पहली बार मैंने अपने ऊपर बर्फ गिरते हुए महसूस किया।”

बर्फबारी के कारण मंगलवार को श्रीनगर एयरपोर्ट पर भी उड़ान सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गई थीं। मौसम साफ होने के बाद बुधवार को उड़ानें बहाल कर दी गईं, लेकिन राष्ट्रीय राजमार्ग अब भी बर्फ और फिसलन के कारण बंद है।