श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के सोपोर क्षेत्र में पुलिस ने शुक्रवार (16 मई, 2026) को प्रतिबंधित संगठन जमात-ए-इस्लामी से जुड़े मामलों की जांच के तहत व्यापक तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA के तहत दर्ज एक मामले के सिलसिले में की गई।
पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह अभियान आतंकवाद, अलगाववाद और प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े नेटवर्क को तोड़ने के उद्देश्य से चल रही कार्रवाई का हिस्सा है। सोपोर पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR संख्या 42/2025 (UAPA की धारा 10 और 13 के तहत) के आधार पर यह तलाशी अभियान संचालित किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि पुलिस टीमों ने सोपोर और आसपास के इलाकों—जैसे जामिया कदीम, नसीम बाग, क्रांकशिवन, तारज़ू, अमरगढ़, वारपोरा, बोमाई और बोइटिंगू सहित 15 से अधिक स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई न्यायालय से प्राप्त तलाशी वारंट और कार्यकारी मजिस्ट्रेटों की मौजूदगी में पूरी कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई।
तलाशी के दौरान पुलिस ने कथित रूप से प्रतिबंधित संगठन से जुड़ा साहित्य और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की, जिसे आगे की जांच के लिए जब्त कर लिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इन सामग्रियों की जांच की जा रही है ताकि नेटवर्क की गतिविधियों और संपर्कों का पता लगाया जा सके।
पुलिस ने बताया कि यह अभियान उन व्यक्तियों की पहचान और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के प्रयासों का हिस्सा है, जो कथित रूप से प्रतिबंधित संगठनों या राष्ट्र-विरोधी नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। मामले में आगे की जांच जारी है।
इससे पहले 10 मई को भी सोपोर पुलिस ने एक अन्य कार्रवाई में लगभग 20 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति जब्त की थी। यह संपत्ति एक ऐसे आरोपी से जुड़ी थी, जिस पर आतंकवाद से संबंधित गतिविधियों में शामिल होने और पाकिस्तान व पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर (PoK) से नेटवर्क संचालित करने के आरोप हैं।
जांच में सामने आया है कि आरोपी माजिद अहमद सोफी, जिसे ‘बिसाती’ के नाम से भी जाना जाता है, न्यू कॉलोनी सोपोर का निवासी है और वर्तमान में पाकिस्तान-PoK से आतंकी गतिविधियों के संचालन में शामिल बताया जाता है। वह प्रतिबंधित संगठन हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़ा हुआ माना जाता है और घाटी में आतंकी गतिविधियों को समर्थन देने के आरोपों का सामना कर रहा है।
संपत्ति कुर्की की यह कार्रवाई भी कार्यकारी मजिस्ट्रेट, राजस्व अधिकारियों और स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई थी। पुलिस का कहना है कि आतंकवाद से जुड़े नेटवर्क की वित्तीय और लॉजिस्टिक व्यवस्था को खत्म करने के लिए ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद, फंडिंग, आश्रय या किसी भी प्रकार के समर्थन में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आम लोगों से अपील की गई है कि वे सतर्क रहें और किसी भी राष्ट्र-विरोधी गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।