श्रीनगर। पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने आरएसएस नेता दत्तात्रेय होसबाले के उस बयान का समर्थन किया है, जिसमें भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत के लिए हमेशा रास्ता खुला रखने की बात कही गई थी।

श्रीनगर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए महबूबा मुफ्ती ने कहा कि जम्मू-कश्मीर मुद्दे के समाधान के लिए संवाद ही सबसे प्रभावी और व्यावहारिक रास्ता है।

“बातचीत के बिना समाधान संभव नहीं”

महबूबा मुफ्ती ने कहा कि पीडीपी लंबे समय से यह मानती रही है कि पाकिस्तान के साथ बातचीत का चैनल खुला रहना चाहिए। उनके अनुसार, क्षेत्र में स्थायी शांति केवल संवाद के माध्यम से ही स्थापित की जा सकती है।

उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कथन “आप दोस्त बदल सकते हैं, पड़ोसी नहीं” का उल्लेख करते हुए कहा कि पड़ोसी देशों के बीच बातचीत जरूरी है।

अंतरराष्ट्रीय उदाहरणों का दिया हवाला

पीडीपी प्रमुख ने कहा कि कई देश, जैसे अमेरिका और इस्राइल, भी ईरान जैसे देशों के साथ बातचीत के जरिए समाधान की कोशिश कर रहे हैं, इसलिए संवाद से पीछे नहीं हटना चाहिए।

पिछले दौर की शांति प्रक्रिया का जिक्र

महबूबा मुफ्ती ने दावा किया कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में भारत-पाक संवाद प्रक्रिया के दौरान जम्मू-कश्मीर में हालात बेहतर हुए थे और हिंसा में कमी आई थी।

उन्होंने यह भी कहा कि हाल के समय में दोनों देशों के बीच सेवानिवृत्त अधिकारियों के स्तर पर किसी तीसरे देश में बातचीत की प्रक्रिया शुरू हुई है, जो आगे चलकर सकारात्मक परिणाम दे सकती है।

नेशनल कॉन्फ्रेंस पर भी साधा निशाना

इसी दौरान उन्होंने नेशनल कॉन्फ्रेंस पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर जम्मू-कश्मीर की प्रमुख जलविद्युत परियोजनाएं एनएचपीसी को न दी गई होतीं, तो राज्य की आर्थिक स्थिति और रोजगार के अवसर बेहतर हो सकते थे।