लखनऊ। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बुधवार को आए तेज आंधी-तूफान और बारिश ने व्यापक तबाही मचाई। तेज हवाओं के कारण कई जगह पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए, जिससे बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
अलग-अलग जिलों में आंधी-बारिश से अब तक 62 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। ग्रामीण इलाकों में कच्चे मकानों और टीन शेड को भी भारी नुकसान पहुंचा है, वहीं खेतों में खड़ी फसलें भी प्रभावित हुई हैं।
कई जिलों में जनहानि और नुकसान
तेज आंधी और बारिश से सबसे ज्यादा असर जनहानि के रूप में सामने आया है। भदोही में 11, मिर्जापुर में 6, सीतापुर में 2, कानपुर मंडल में 14, प्रयागराज में 9, प्रतापगढ़ में 4, रायबरेली में 2, संभल में 2 और बरेली में 14 लोगों की मौत की सूचना है।
सड़कों पर पेड़ गिरने से यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिससे कई जगह घंटों तक आवागमन ठप रहा।
राहत और बचाव कार्य शुरू
प्रशासन ने प्रभावित जिलों में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। जिला अधिकारियों को नुकसान का आकलन कर विस्तृत रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए कई जिलों में तेज हवाओं और बारिश की चेतावनी जारी की है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
एक ओर तबाही, दूसरी ओर भीषण गर्मी
जहां एक तरफ आंधी-बारिश ने कई जिलों में राहत और तबाही दोनों साथ दी, वहीं बुंदेलखंड और दक्षिणी यूपी के जिलों में भीषण गर्मी ने लोगों को परेशान किया।
बांदा में अधिकतम तापमान 45.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा। इसके अलावा झांसी में 44.5, प्रयागराज में 43.5, हमीरपुर में 43.2 और उरई में 41 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होगी और 16 मई से बुंदेलखंड व दक्षिणी जिलों में लू चलने की संभावना है।