लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश सरकार की कार्यशैली में मितव्ययिता, ऊर्जा संरक्षण और जनहितकारी आचरण को बढ़ावा देने के लिए मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं।
मंत्रिमंडल विस्तार के बाद हुई पहली विस्तारित कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री ने शासन को अधिक उत्तरदायी, अनुशासित और संसाधन-संवेदनशील बनाने पर जोर दिया।
सार्वजनिक परिवहन और ईंधन बचत पर फोकस
मुख्यमंत्री ने मंत्रियों से सप्ताह में कम से कम एक दिन सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने का आग्रह किया है। इसके साथ ही उन्होंने मंत्रियों की आधिकारिक वाहनों की फ्लीट को 50 प्रतिशत तक कम करने का सुझाव दिया।
उन्होंने कहा कि ईंधन संरक्षण केवल आर्थिक मुद्दा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय जिम्मेदारी भी है।
डिजिटल बैठकें और वर्चुअल कार्यप्रणाली को बढ़ावा
सीएम ने निर्देश दिया कि अधिकतर बैठकें हाइब्रिड या वर्चुअल मोड में आयोजित की जाएं। इसके तहत अंतरजनपदीय बैठकें, प्रशिक्षण कार्यक्रम और समितियों की बैठकें डिजिटल माध्यम से कराने पर जोर दिया गया है।
साथ ही 50 से अधिक कर्मचारियों वाले संस्थानों में सप्ताह में कम से कम दो दिन वर्क फ्रॉम होम मॉडल अपनाने पर भी बल दिया गया।
ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण पर विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री ने सचिवालय और निदेशालय स्तर पर एयर कंडीशनर के तापमान को 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखने के निर्देश दिए। उन्होंने प्राकृतिक प्रकाश के अधिकतम उपयोग और बिजली की बचत को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
इसके अलावा सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ाने और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए नई नीति तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।
‘वोकल फॉर लोकल’ और स्वदेशी को बढ़ावा
सीएम ने कहा कि मंत्रीगण उपहार और उपयोग में केवल उत्तर प्रदेश में निर्मित उत्पादों को प्राथमिकता दें। उन्होंने ‘एक जिला-एक उत्पाद’ योजना के तहत स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की बात कही।
एलपीजी की जगह PNG पर जोर
मुख्यमंत्री ने एलपीजी के स्थान पर पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन को प्राथमिकता देने और कॉमर्शियल उपयोगकर्ताओं को भी इससे जोड़ने के निर्देश दिए।
कृषि, पर्यावरण और जल संरक्षण पर बल
उन्होंने प्राकृतिक खेती, तिलहन उत्पादन और संतुलित उर्वरक उपयोग को बढ़ावा देने की बात कही। साथ ही वर्षा जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने और खाद्य तेल की खपत कम करने की अपील की।
नए मंत्रियों को दिशा-निर्देश
बैठक में मुख्यमंत्री ने नए मंत्रियों का परिचय कराते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही सबसे अधिक होती है। उन्होंने कहा कि जनता नेताओं के कार्यों का लगातार मूल्यांकन करती है, इसलिए सभी मंत्रियों को बेहतर प्रदर्शन करना होगा।