मुजफ्फरनगर। बाबा डिग्री कॉलेज में प्रैक्टिकल परीक्षाओं को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। छात्रों का कहना है कि कॉलेज ने न तो प्रैक्टिकल परीक्षाएं कराईं और न ही सही तरीके से सूचना दी, बावजूद इसके पूरी फीस वसूल ली गई। इसका सीधा असर छात्रों के परिणामों पर पड़ा है और कई की मार्कशीट में ‘अनुपस्थित’ या ‘फेल’ दर्ज हो गया है।
हजारों छात्रों का साल खतरे में
बरला बसेड़ा मार्ग स्थित बाबा डिग्री कॉलेज के छात्रों ने आरोप लगाया कि शैक्षणिक सत्र 2024-25 के दौरान प्रैक्टिकल परीक्षाओं को लेकर कोई स्पष्ट सूचना जारी नहीं की गई। कई विद्यार्थियों को परीक्षा तिथि तक की जानकारी नहीं दी गई, जिसके चलते वे परीक्षा में शामिल नहीं हो सके।
छात्रों के अनुसार, प्रत्येक विद्यार्थी से लगभग 1500 रुपये प्रैक्टिकल फीस के रूप में लिए गए, लेकिन न तो परीक्षाएं कराई गईं और न ही इंटरनल या प्रैक्टिकल अंक विश्वविद्यालय पोर्टल पर अपलोड किए गए।

परिणामों में गड़बड़ी से बढ़ा विवाद
विश्वविद्यालय द्वारा जारी परिणामों में कई छात्रों को ‘अनुपस्थित’ या ‘फेल’ दर्शाया गया है। इस स्थिति से छात्रों का पूरा शैक्षणिक वर्ष प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
डीएम कार्यालय पहुंचकर छात्रों का प्रदर्शन
नाराज छात्रों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उनका कहना है कि कॉलेज प्रशासन अपनी गलती स्वीकार नहीं कर रहा है, जबकि विश्वविद्यालय भी इस पर ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है।
जांच और कार्रवाई की मांग
छात्रों ने मांग की है कि पूरे मामले की जांच कर दोषी कॉलेज प्रशासन और संबंधित जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए। साथ ही विश्वविद्यालय को निर्देश दिया जाए कि छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए प्रैक्टिकल परीक्षाएं दोबारा कराई जाएं।