धनबाद। राज्य के सभी होमगार्ड जवानों के बैंक खातों का सत्यापन कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इस संबंध में वित्त विभाग ने एक निर्धारित फॉर्म जारी किया है, जिसे भरकर जवानों को अपने-अपने जिला कार्यालय में जमा करना होगा।

वित्त विभाग ने इस बाबत राज्य के महानिदेशक सह महासमादेष्टा, गृहरक्षा वाहिनी को पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद गृहरक्षा वाहिनी मुख्यालय की ओर से जिलों को आदेश भेजे गए हैं और वहां से सभी होमगार्ड जवानों को नोटिस जारी कर दिया गया है।

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि कर्तव्य भत्ता जारी करने से पहले बैंक खाते का सत्यापन पूरा करना अनिवार्य होगा। यदि कोई जवान निर्धारित फॉर्म भरकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ जमा नहीं करता है, तो उसके भत्ते का भुगतान रोक दिया जा सकता है।

जारी किए गए फॉर्म में जवानों को अपनी पेयी आईडी, नाम, सैन्य संख्या, बैंक खाते से लिंक मोबाइल नंबर, जन्मतिथि, नामांकन की तिथि, आधार संख्या, पैन नंबर, बैंक खाता संख्या और आईएफएससी कोड जैसी जानकारी देनी होगी। इसके साथ सभी दस्तावेजों को स्व-अभिप्रमाणित करना भी आवश्यक बताया गया है।

इस प्रक्रिया को लेकर झारखंड होमगार्ड वेलफेयर एसोसिएशन ने आपत्ति जताई है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रवि मुखर्जी का कहना है कि वित्त विभाग की यह कार्रवाई उचित नहीं लगती। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है मानो होमगार्ड जवानों के पास राज्य सरकार का पूरा खजाना ही जमा हो। उन्होंने इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग भी की है।