रायसेन। जिले में सोशल मीडिया पर वायरल हुए विवादित वीडियो के बाद कोतवाली पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। आरोप है कि युवकों ने रायसेन किले की प्राचीर पर चढ़कर ईरान के समर्थन में नारे लगाते हुए वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो के वायरल होने के बाद मामला तेजी से सुर्खियों में आ गया।
वीडियो में क्या दिखा?
वीडियो में कुछ युवक रायसेन किले से तोप चलाते और नारे लगाते दिखाई दिए, जिसमें वे ईरान के समर्थन का संदेश दे रहे थे। यह वीडियो रमजान के दौरान रोजा खोलने की सूचना देने के समय बनाया गया था।
घटना के बाद हिंदू संगठन ‘अपना रायसेन’ ने कोतवाली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में कहा गया कि वीडियो में लगाए गए नारे आपत्तिजनक हैं और इससे हिंदू समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची। संगठन ने चेतावनी दी कि इस तरह की सामग्री शहर में सामाजिक तनाव और असामाजिक स्थिति पैदा कर सकती है।
राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग की प्रतिक्रिया
राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियांक कानूनगो ने भी इस मामले पर सवाल उठाते हुए प्रशासन से कार्रवाई की मांग की। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों की पहचान की और उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शादाब कुरैशी, यूसुफ शेख, बसीम खान और सलमान खान के रूप में हुई। उन्हें पहले मेडिकल परीक्षण के लिए अस्पताल ले जाया गया और फिर न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय तक पैदल जुलूस में आरोपियों के हाथों में हथकड़ी लगी थी और पुलिस बल उनके साथ मौजूद रहा। जुलूस के दौरान चारों आरोपी लंगड़ाते हुए चले, जो वहां मौजूद लोगों के लिए चर्चा का विषय बना।
पुलिस का बयान
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों ने साफ कहा कि सोशल मीडिया पर भड़काऊ या देशभक्ति के खिलाफ सामग्री बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कोतवाली पुलिस ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि वीडियो बनाने और वायरल करने में और कौन-कौन लोग शामिल थे। पुलिस ने जनता से अपील की है कि सोशल मीडिया का जिम्मेदारी के साथ उपयोग करें और भ्रामक या विवादित सामग्री साझा करने से बचें।