छतरपुर जिले के गौरिहार थाना क्षेत्र के ग्राम कितपुरा में होली के दिन एक झोपड़ी में आग लगने से छह माह की बच्ची अंजली राजपूत गंभीर रूप से झुलस गई। बच्ची को बचाने के लिए उसकी मां अशोका राजपूत (25) झोपड़ी में कूद गई और किसी तरह बेटी को बाहर निकाल लाई। इस दौरान मां भी हल्की झुलस गई। बच्ची का इलाज जिला अस्पताल छतरपुर के बर्न वार्ड में चल रहा है।
परिवार के अनुसार, घटना के समय घर में साफ-सफाई और होली की तैयारी चल रही थी। मां ने अंजली को घर के बाहर बनी घास-फूस की झोपड़ी नुमा छोटी दुकान में लिटा दिया था, जहां अन्य बच्चे भी खेल रहे थे। अचानक अज्ञात कारणों से झोपड़ी में आग लग गई और देखते ही देखते पूरी झोपड़ी लपटों में घिर गई।
बच्चियों की चीखें सुनकर मां मौके पर दौड़ी और तुरंत जलती झोपड़ी में घुसकर अपनी बेटी को बाहर निकाल लाई। हालांकि, तब तक बच्ची गंभीर रूप से झुलस चुकी थी और मां भी आग से घायल हो गई। इस हादसे में झोपड़ी और दुकान का सारा सामान जलकर राख हो गया।
घटना के बाद परिजन बच्ची को सबसे पहले गौरिहार अस्पताल लेकर गए, लेकिन वहां उसे पर्याप्त इलाज न मिलने के कारण बांदा अस्पताल रेफर किया गया। परिवार का आरोप है कि उस समय एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं थी और उन्हें 2,500 रुपए खर्च कर प्राइवेट वाहन से बच्ची को अस्पताल ले जाना पड़ा।
परिवार का कहना है कि जिला अस्पताल में भी बच्ची को पर्याप्त इलाज नहीं मिल रहा। उन्हें सिर्फ इंजेक्शन दिए जा रहे हैं और पट्टी वही है जो बांदा अस्पताल में की गई थी। बच्ची की हालत गंभीर है, लेकिन उपचार पर्याप्त नहीं हो पा रहा।
परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है और प्राइवेट अस्पताल में इलाज कराना उनके लिए मुश्किल है। गाड़ी का किराया और अस्पताल के खर्च उन्होंने अपनी बचत और रिश्तेदारों से उधार लेकर जुटाया। पीड़ित परिवार ने शासन-प्रशासन और आम लोगों से मदद की गुहार लगाई है। यह परिवार चंदला विधानसभा क्षेत्र का निवासी है, जहां से दिलीप अहिरवार विधायक और राज्य मंत्री हैं।