मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद पूरा राज्य उनके लिए एक परिवार की तरह है और जनता की खुशहाली ही उनकी सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है और इस विकास की सबसे मजबूत कड़ी किसान हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस साल प्रदेश में गेहूं का उत्पादन अच्छा रहा है। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से खरीदी का लक्ष्य बढ़ाने का अनुरोध किया था, जिसे मंजूरी मिल गई है। अब गेहूं खरीदी का लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय किसानों की मेहनत का सम्मान है।

गेहूं बेचने की प्रक्रिया में राहत

मुख्यमंत्री ने बताया कि अब छोटे और बड़े सभी किसान समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेच सकेंगे। इसके लिए स्लॉट बुकिंग की व्यवस्था पूरी तरह खोल दी गई है। गेहूं खरीदी अब सप्ताह में छह दिन होगी और शनिवार को भी खरीदी केंद्र खुले रहेंगे। साथ ही किसानों की सुविधा को देखते हुए स्लॉट बुकिंग की अंतिम तारीख 30 अप्रैल से बढ़ाकर 9 मई कर दी गई है।

जमीन अधिग्रहण पर चार गुना मुआवजा

भू-अर्जन से जुड़े मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने बड़ा फैसला बताते हुए कहा कि किसानों को उनकी जमीन के बदले अब चार गुना तक मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह कदम किसानों के अधिकारों की सुरक्षा और उनकी आर्थिक मजबूती को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।

दलहन-तिलहन उत्पादन को बढ़ावा

सरकार ने दलहन और तिलहन फसलों को प्रोत्साहित करने के लिए भी नई पहल की है। मुख्यमंत्री ने बताया कि उड़द की फसल की खरीदी समर्थन मूल्य पर की जाएगी और इसके साथ किसानों को 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस भी दिया जाएगा। वहीं सरसों की फसल के लिए लागू भावांतर योजना के तहत किसानों को बेहतर दाम मिल रहे हैं।

मध्यप्रदेश को ‘मिल्क कैपिटल’ बनाने की तैयारी

दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार कई योजनाओं पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 1752 नई दुग्ध समितियों का गठन किया गया है और दूध उत्पादकों को अब तक 1600 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य मध्यप्रदेश को देश की ‘मिल्क कैपिटल’ बनाना है।

किसानों को दिन में मिलेगी बिजली

कृषि क्षेत्र में बिजली आपूर्ति को बेहतर बनाने की दिशा में भी सरकार कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को सिंचाई के लिए रात के बजाय दिन में बिजली उपलब्ध कराने की योजना पर काम किया जा रहा है। इसके अलावा कृषक मित्र योजना के तहत किसानों को 90 प्रतिशत सब्सिडी पर सोलर पंप दिए जा रहे हैं, जिससे वे ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बन सकें।

सरकार का संकल्प—“सच्चा वादा, पक्का काम”

अपने संदेश के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। उन्होंने कहा कि “सच्चा वादा और पक्का काम” उनकी सरकार का संकल्प है। उनका मानना है कि किसानों की समृद्धि ही विकसित मध्यप्रदेश की मजबूत नींव बनेगी और वर्ष 2047 तक राज्य को विकसित बनाने में किसान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।