महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने शनिवार को पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम चुनावों में भाजपा की जीत पर पार्टी को बधाई दी। इन चुनावों में भाजपा ने एनसीपी और एनसीपी (एसपी) गठबंधन को परास्त कर स्पष्ट बहुमत हासिल किया।
चुनाव प्रचार के दौरान अजित पवार ने भाजपा पर तीखे हमले किए थे और भ्रष्टाचार तथा विकास रोकने के आरोप लगाए थे। लेकिन शनिवार को मीडिया से बातचीत में उनका सुर बदला हुआ नजर आया। पवार ने कहा, “मतदाता सबसे अहम हैं। हार के कारणों पर पार्टी बैठकर चर्चा करेगी, लेकिन कार्यकर्ताओं को निराश नहीं होना चाहिए, बल्कि मेहनत जारी रखनी चाहिए।”
उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष द्वारा ईवीएम पर उठाए गए सवालों पर वे टिप्पणी नहीं करेंगे और तंज कसते हुए जोड़े कि हार के बाद आरोप लगाना स्वाभाविक है, लेकिन जीत के बाद कोई सवाल नहीं उठाता।
अजित पवार ने भाजपा को बधाई देते हुए कहा, “भाजपा ने महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है और इसे पार्टी के प्रयासों का परिणाम माना जाना चाहिए। ये चुनाव मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में लड़े गए थे। अन्य पार्टियों को हार का सामना करना पड़ा है।”
पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में हार के कारणों पर पूछे जाने पर पवार ने कहा कि नतीजे घोषित हुए केवल 24 घंटे हुए हैं और पार्टी इस पर विस्तृत समीक्षा करेगी। उन्होंने यह भी बताया कि मीडिया द्वारा अनुमान लगाए गए माहौल और वास्तविक नतीजों में अंतर था।
सीटों का समीकरण:
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पुणे: भाजपा – 119, एनसीपी – 27, एनसीपी (एसपी) – 3, कांग्रेस – 15
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पिंपरी-चिंचवड़: भाजपा – 84 (128 सदस्यीय निकाय में)
अजित पवार ने शरद पवार के साथ किसी भी राजनीतिक बैठक से इनकार किया और बताया कि वे बारामती में कृषि प्रदर्शनी में मौजूद थे, दोनों गुटों के विलय पर कोई चर्चा नहीं हुई। उन्होंने महायुति गठबंधन के संबंध में कहा, “हम गठबंधन के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।”