महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस में हालिया घटनाक्रम के बाद अब शिवसेना (यूबीटी) के भीतर भी संभावित टूट की चर्चाएं जोर पकड़ रही हैं। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, पार्टी के छह सांसद आज लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर सकते हैं। बताया जा रहा है कि शिवसेना (यूबीटी) के कुल नौ सांसदों में से छह मंगलवार रात चार्टर्ड विमान से दिल्ली पहुंचे हैं।

सूत्रों का यह भी कहना है कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे भी दिल्ली में मौजूद हैं। ऐसे में सांसदों की बैठक श्रीकांत शिंदे के आवास पर होने की संभावना जताई जा रही है। बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस की भी चर्चा है। इससे पहले शिवसेना (शिंदे गुट) के एमएलसी कृपाल तुमाने दावा कर चुके हैं कि "ऑपरेशन टाइगर" के तहत कई सांसदों के साथ लंबे समय से बातचीत चल रही है और यह प्रक्रिया अब निर्णायक दौर में पहुंच चुकी है।

उधर, शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने इन अटकलों के बीच सोशल मीडिया मंच एक्स पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सांसदों को दल बदलने के लिए बड़ी रकम की पेशकश की जा रही है। राउत ने अपने पोस्ट में दावा किया कि कुछ सांसदों को पार्टी छोड़ने के लिए अग्रिम भुगतान के रूप में करोड़ों रुपये दिए जा रहे हैं। हालांकि, इससे पहले वह ऐसे सभी दावों को अफवाह बताते हुए खारिज भी कर चुके हैं।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच उद्धव ठाकरे का पुराना बयान भी चर्चा में है। उन्होंने कहा था कि यदि कोई नेता पार्टी छोड़ना चाहता है तो उसे रोका नहीं जाएगा। ठाकरे का कहना था कि किसी पर दबाव बनाकर उसे पार्टी में बनाए रखने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने यह भी कहा था कि जो लोग बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा वाली शिवसेना छोड़ेंगे, उन्हें भविष्य में अपने फैसले पर पछतावा हो सकता है।

राजनीतिक गलियारों में अब सभी की नजर दिल्ली में होने वाली संभावित बैठकों और उसके बाद सामने आने वाले घटनाक्रम पर टिकी हुई है, क्योंकि इससे महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरण बन सकते हैं।