चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने निजी स्कूलों की मनमानी फीस बढ़ोतरी पर लगाम लगाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब राज्य में प्राइवेट स्कूल हर साल अधिकतम 5 प्रतिशत तक ही फीस बढ़ा सकेंगे। इस प्रस्ताव को मंगलवार को हुई पंजाब मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी दे दी गई।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि इस कदम से अभिभावकों पर बढ़ता आर्थिक बोझ कम होगा और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी। सरकार का मानना है कि लंबे समय से फीस वृद्धि को लेकर मिल रही शिकायतों पर यह फैसला राहत देने वाला साबित होगा।
औद्योगिक विकास और प्रशासनिक सुधारों को भी मंजूरी
कैबिनेट बैठक में केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि औद्योगिक विकास को गति देने के लिए कैपिटल सब्सिडी नियमों में संशोधन को भी हरी झंडी दी गई। इससे उद्योगों को निवेश और विस्तार में सहूलियत मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा, विभिन्न विभागों के डेटा प्रबंधन और समन्वय को बेहतर बनाने के लिए एसडीआईपी (SDIP) प्लेटफॉर्म को लागू करने का फैसला लिया गया है।
प्रशासनिक ढांचे में नया पद सृजित
लोगों की सुविधा और प्रशासनिक कामकाज को तेज करने के लिए होशियारपुर के दसूहा में अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (जनरल) का नया पद भी स्वीकृत किया गया है।
सरकार का कहना है कि ये सभी फैसले प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और जनता को बेहतर सेवाएं देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।