पंजाब में नगर काउंसिल चुनावों के बीच राजनीतिक माहौल उस समय गरमा गया जब सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दो अलग-अलग कार्यालयों पर हमले की घटनाएं सामने आईं। जीरकपुर और तरनतारन में हुई इन घटनाओं में नकाबपोश युवकों द्वारा तोड़फोड़ और नारेबाजी किए जाने के बाद सियासी तनाव बढ़ गया है। भाजपा नेताओं ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं, जबकि पुलिस ने जांच तेज कर दी है।

तरनतारन में भाजपा कार्यालय पर हमला

पहली घटना तरनतारन जिले में सामने आई, जहां भाजपा के जिला कार्यालय में सोमवार शाम लगभग 15 से 20 नकाबपोश युवक अचानक घुस आए। आरोप है कि इन युवकों ने कार्यालय में जमकर तोड़फोड़ की और खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए। इस दौरान वहां मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ धक्का-मुक्की और हाथापाई भी हुई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को घेर लिया। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके।

जीरकपुर कार्यालय में भी हंगामा

दूसरी घटना जीरकपुर स्थित भाजपा कार्यालय में देर शाम करीब पांच बजे हुई। यहां पांच नकाबपोश युवक अचानक कार्यालय में घुसे और पोस्टरों, बैनरों व नेताओं की तस्वीरों पर स्याही और पेंट फेंककर विरोध प्रदर्शन किया।

यह कार्यालय भाजपा नेता गुरदर्शन सिंह सैनी से जुड़ा बताया जा रहा है। घटना के समय कार्यालय में कुछ कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद थे, जिससे अचानक स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

नारेबाजी और मौके से फरार हुए हमलावर

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपियों ने कार्यालय के अंदर और बाहर नारेबाजी भी की और कथित रूप से पंजाब सरकार तथा मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ नारे लगाए। कुछ ही मिनटों में हंगामा करने के बाद सभी युवक मौके से फरार हो गए।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू कर दी और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज अपने कब्जे में ले ली है। प्रारंभिक जांच में पांच नकाबपोश युवक कार्यालय की ओर आते और घटना के बाद भागते हुए दिखाई दिए हैं। पुलिस अब फुटेज के आधार पर उनकी पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।