अमृतसर में 12वीं कक्षा की छात्रा की आत्महत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है, जिसके बाद राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस ने जानकारी दी कि इस प्रकरण में आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया गया है और स्कूल प्रशासन सहित सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
मामले में पुलिस ने भी कार्रवाई करते हुए स्कूल की प्रिंसिपल शबनम शर्मा और क्लास टीचर आकांक्षा शर्मा के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। हालांकि अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। एसीपी गगनदीप सिंह के अनुसार, आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
जांच में यह भी सामने आया है कि छात्रा अमजोत कौर का दसवीं का प्रमाण पत्र स्कूल द्वारा जारी नहीं किया जा रहा था, जबकि वह डीडीआईएस स्कूल, फतेहगढ़ चूड़ियां रोड से 11वीं कक्षा पास कर चुकी थी।
इसके अलावा मामले में गंभीर आरोप भी सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि छात्रा पर लगातार उसके चरित्र को लेकर सवाल उठाए जाते थे और उसे कथित तौर पर स्कूल में प्रिंसिपल व क्लास टीचर के निजी कार्यों के लिए मजबूर किया जाता था।
परिजनों का आरोप है कि जब छात्रा ने ऐसे काम करने से इनकार किया, तो उसे परीक्षा में फेल करने और अंकों को प्रभावित करने की धमकियां दी जाती थीं, जिससे वह मानसिक रूप से काफी परेशान रहने लगी थी।
परिवार के अनुसार, इसी तनाव के चलते छात्रा ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। वह अपनी मासी सरबजीत कौर के साथ रह रही थी।