संगरूर। पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी कॉन्ट्रेक्ट वर्कर यूनियन के दस सदस्यों पर शुक्रवार को बस स्टैंड संगरूर में प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर हमला करने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस के अनुसार, यूनियन के पदाधिकारी और सदस्य सुबह साढ़े आठ बजे बस स्टैंड पर खड़ी सरकारी बसों को सड़क पर रोककर आवाजाही बाधित कर रहे थे। जब पुलिस और सिविल प्रशासन ने उन्हें शांत करने की कोशिश की, तो कुछ सदस्यों ने पेट्रोल की बोतलें निकालकर खुद पर छिड़कना शुरू कर दिया और आत्मदाह की धमकी दी।

मौके पर कुछ वर्कर बसों की छत पर चढ़कर पेट्रोल डालने लगे। पुलिस ने कई बार उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन जब वे नहीं माने, तो यूनियन के नेता सुखजिंदर सिंह ने पुलिस इंस्पेक्टर जसवीर सिंह पर पेट्रोल डालकर आग लगाने का प्रयास किया। अचानक लगी आग से इंस्पेक्टर की वर्दी और पगड़ी जल गई, लेकिन पुलिसकर्मियों ने तुरंत आग बुझा दी। घायल इंस्पेक्टर को सरकारी अस्पताल संगरूर में भर्ती कराया गया।

इस घटना में शामिल दस आरोपितों में यूनियन के सचिव सुखजिंदर सिंह, उपप्रधान रमनदीप सिंह, सहायक सचिव गुरजीत सिंह, उपप्रधान रूपिंदर सिंह, जिला प्रधान मनप्रीत सिंह, डिंपल कुमार, जोरा सिंह, गुरजीत सिंह उर्फ विक्की, गुरप्रीत सिंह और मनजीत सिंह शामिल हैं।

पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने, जानलेवा हमला करने और अन्य गंभीर धाराओं के तहत 23 अलग-अलग केस दर्ज किए हैं। सभी आरोपितों को धरनास्थल से गिरफ्तार कर लिया गया है।