77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर अटारी-वाघा सीमा पर देशभक्ति का अद्भुत नज़ारा देखने को मिला। हर साल की तरह इस बार भी 26 जनवरी को अटारी बॉर्डर को “स्पेशल डे” के रूप में मनाया गया, जहां बीटिंग द रिट्रीट सेरेमनी खास आकर्षण का केंद्र रही।
शाम होते ही बड़ी संख्या में देश-विदेश से आए पर्यटक सीमा पर पहुंचे और राष्ट्रभक्ति के रंग में रंगे माहौल का हिस्सा बने।

सेरेमनी के दौरान बीएसएफ जवानों का जोश और अनुशासन देखते ही बनता था। दर्शकों ने “भारत माता की जय”, “वंदे मातरम्” और “हिंदुस्तान जिंदाबाद” के नारों के साथ जवानों का उत्साह बढ़ाया। बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने माहौल को और भी जीवंत बना दिया।

सुबह हुआ ध्वजारोहण, जवानों को दी गई शुभकामनाएं

गणतंत्र दिवस की सुबह ज्वाइंट चेक पोस्ट अटारी पर सेक्टर हेडक्वार्टर खासा के डीआईजी ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस दौरान जवानों को शुभकामनाएं दी गईं और मिठाई भी वितरित की गई।
कार्यक्रम में एडीजी बीएसएफ एस.एस. खंडारे, आईपीएस, आईजी बीएसएफ पंजाब फ्रंटियर डॉ. अतुल फुलझेले, आईपीएस सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे।

अमृतसर में भी गणतंत्र दिवस की रही भव्य छटा

अमृतसर के गुरु नानक स्टेडियम में भी 77वां गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। पंजाब सरकार के जल आपूर्ति एवं स्वच्छता मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने मुख्य अतिथि के रूप में तिरंगा फहराया और परेड की सलामी ली।

समारोह में एडीजीपी एनआरआई आर.एस. जसवाल, डिप्टी कमिश्नर दलविंदरजीत सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
पुलिस, महिला टुकड़ी, होमगार्ड और पुलिस बैंड द्वारा शानदार मार्च पास्ट किया गया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।

इसके बाद स्कूलों के विद्यार्थियों ने देशभक्ति से जुड़े रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए। भंगड़ा, गिद्दा, नृत्य-नाटिकाएं और देशभक्ति गीतों ने माहौल को जोशीला बना दिया।

उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मान

समारोह के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों और समाजसेवियों को सम्मानित किया गया।
मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि अमृतसर जैसे ऐतिहासिक और पवित्र शहर में गणतंत्र दिवस मनाना गर्व की बात है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और नशा मुक्ति जैसे मुद्दों पर लगातार काम कर रही है।