उदयपुर जिले की गोगुंदा थाना पुलिस ने करीब 23 साल पुराने डोडा चूरा तस्करी मामले में लंबे समय से फरार चल रहे एक इनामी आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था और वह वर्षों से पुलिस की पकड़ से बचता आ रहा था।

थानाधिकारी श्याम सिंह चारण ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी जोधाराम (73) जालौर जिले के भीनमाल थाना क्षेत्र के पूनासा गांव स्थित चौधरियों की ढाणी का निवासी है। वर्ष 2003 के डोडा चूरा तस्करी प्रकरण में नाम सामने आने के बाद से ही वह फरार चल रहा था।

पुलिस के अनुसार आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अपनी पहचान बदलकर अलग-अलग राज्यों में मजदूरी की और सामान्य जीवन जीता रहा। वह गुजरात, मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों में काम करता रहा, ताकि पुलिस की नजरों से दूर रह सके।

शादी समारोह में गांव लौटने पर पकड़ा गया

पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी अपने रिश्तेदार की शादी में शामिल होने के लिए गुपचुप तरीके से अपने गांव आया हुआ है। इस जानकारी के बाद पुलिस ने पूरी योजना बनाकर कार्रवाई को अंजाम दिया।

टीम ने सादे कपड़ों में खुद को पशु खरीदार के रूप में पेश करते हुए गांव में डेरा डाला और तीन दिनों तक उसकी गतिविधियों पर नजर रखी। जैसे ही पुष्टि हुई कि आरोपी अपने घर में मौजूद है, पुलिस ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

23 साल तक बदलता रहा ठिकाने

जांच में सामने आया कि जिस समय आरोपी फरार हुआ था, उसकी उम्र लगभग 50 वर्ष थी। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार शहर और राज्यों में ठिकाने बदलता रहा और खुद को मजदूर के रूप में छिपाए रखा।

पुलिस का कहना है कि इतनी लंबी फरारी के दौरान वह किसी को संदेह न हो, इसके लिए बेहद सामान्य जीवन जीता रहा।

“सुदर्शन चक्र-2” अभियान के तहत कार्रवाई

यह कार्रवाई उदयपुर पुलिस के “सुदर्शन चक्र-2” अभियान के तहत की गई, जो पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के निर्देशन में चलाया जा रहा है। इस ऑपरेशन में गोगुंदा थाना पुलिस की टीम के साथ अन्य पुलिसकर्मी भी शामिल रहे।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

आगे की जांच जारी

पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि फरारी के दौरान आरोपी को किन लोगों ने मदद या शरण दी थी। उसके संपर्कों और पिछले वर्षों की गतिविधियों की भी गहन पड़ताल की जा रही है।