विधानसभा चुनावों में मिल रही हार को लेकर कांग्रेस ने राजस्थान के उदयपुर में चिंतन शिविर किया. तीन दिवसीय चिंतन शिविर में कई बड़े नेताओं ने हिस्सा लिया. शिविर के अंतिम दिन में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने पार्टी नेताओं को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि इस मीटिंग में सभी वरिष्ठ नेताओं ने खुलकर अपनी बात रखी, जोकि आरएसएस और भाजपा में संभव नहीं है. भाजपा से काग्रेस में आए एक दलित नेता ने कहा कि वहां बोलने की आजादी नहीं है. हमारी पार्टी के डीएनए में Disscussion और Conversation है.

राहुल गांधी ने कहा कि इस देश के संविधान में कहीं भी Nation नहीं लिखा है, Union of State लिखा है. भारत की सभी संस्थाएं किसी की व्यक्तिगत संपति नहीं है. उनपर पूरे देश का हक है. जिस दिन से हम संवाद करना बंद कर देंगे, ये खतरे का संकेत है. हम Economic Collapse देख रहे हैं. Farm Laws से होने वाले नुकसान को पंजाब के लोग जानते हैं. आज देश के युवा को रोजगार नहीं मिल सकता है. आज देश में सबसे ज्यादा बेरोजगारी है. ये मेरा नहीं उन्हीं का डाटा है.

सांसद राहुल गांधी ने आगे कहा कि आने वाले समय Demographic Disaster में बदल जाएगा. हमें जनता के पास जाना पड़ेगा. प्रेस में पूरा Disscussion कांग्रेस पार्टी के बारे में होता है. प्रेस में क्या हो रहा है, इसको भूलकर हमें जनता में बैठ जाना चाहिए. जनता से जो connection टूटा है, उसको जोड़ना है. जनता को भी कांग्रेस ही कुछ कर सकती है. अक्टूबर से कांग्रेस पार्टी जनता के बीच जाएगी. कोई शॉर्टकट नहीं होगा, ये काम पसीना बहाकर ही होगा. हम लोगों में क्षमता है, बस हमें जनता के बीच जाना होगा.