राजस्थान की राजनीति में भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार तेज होता जा रहा है। हाल ही में कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा द्वारा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर लगाए गए आरोपों के बाद सियासी माहौल और गर्म हो गया है। अब इस पूरे मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत खुलकर डोटासरा के समर्थन में सामने आए हैं।
अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रतिक्रिया देते हुए किरोड़ी लाल मीणा के आरोपों को पूरी तरह निराधार और गलत बताया है। उन्होंने कहा कि मीणा सरकार बनने से पहले भी और मंत्री बनने के बाद भी लगातार अलग-अलग नेताओं पर आरोप लगाते रहे हैं, लेकिन अब तक किसी भी आरोप की पुष्टि नहीं हो सकी है।
गहलोत ने दावा किया कि भाजपा सरकार के ढाई साल के कार्यकाल में किरोड़ी लाल मीणा द्वारा लगाए गए कई आरोप केवल बयानबाजी तक ही सीमित रहे और उनमें कोई सच्चाई सामने नहीं आई। उन्होंने यह भी कहा कि जब खुद उन पर सवाल उठ रहे हैं, तो वे ध्यान भटकाने के लिए मुख्यमंत्री और जांच एजेंसियों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि जब कोई नेता खुद घिरता हुआ महसूस करता है, तो वह बिना आधार के दूसरों पर आरोप लगाने लगता है। उन्होंने आरोप लगाया कि किरोड़ी लाल मीणा अब कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर भी अनर्गल और बिना तथ्यों के आरोप लगा रहे हैं, जो उनकी राजनीतिक हताशा को दर्शाता है।
जोधपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान भी अशोक गहलोत ने कहा कि डोटासरा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष हैं और ऐसे पद की अपनी एक गरिमा होती है। बार-बार बिना सबूत आरोप लगाने से पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं में स्वाभाविक रूप से नाराजगी पैदा होती है।
इस बीच कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री रामलाल जाट ने भी डोटासरा का समर्थन करते हुए किरोड़ी लाल मीणा के बयानों को उनकी हताशा का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि झूठे आरोपों की राजनीति ज्यादा समय तक नहीं चल सकती और जनता सब समझती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस के विपक्ष में आने के बाद यह पहला बड़ा मौका है जब अशोक गहलोत ने सार्वजनिक रूप से गोविंद सिंह डोटासरा का इतने स्पष्ट रूप से समर्थन किया है। इसे कांग्रेस के भीतर बदलते राजनीतिक समीकरणों और संभावित एकजुटता के संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है।